नागरिकता संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पारित कराने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के समर्थन देने से नाराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने आज शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और कहा कि वह अपने स्टैंड पर अभी कायम हैं। किशोर ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमार से मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार के सामने अपना पक्ष रखा है। अब फैसला उन्हें लेना है।

यह पार्टी अध्यक्ष का मामला है। उन्होंने कहा कि कुमार देखेंगे कि किसकी गलती है और किसकी नहीं। जदयू नेता और चुनावी रणनीतिकार किशोर ने कहा कि वह अपने स्टैंड पर कायम हैं। नागरिकता संशोधन कानून पर उनका रुख अभी भी वही है। इस बारे में वह पहले ही सार्वजनिक रूप से अपनी बात कह चुके हैं। यह सिर्फ नीतीश कुमार के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए है। उन्होंने कहा, ''हम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के पक्ष में नहीं हैं। नागरिकता संशोधन कानून के साथ किसी को कोई समस्या नहीं है लेकिन यह एनआरसी के साथ मिलने पर भेदभावपूर्ण हो जाता है।

किशोर ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर पार्टी को जो करना था किया है। इसपर आगे जो भी बात है मुख्यमंत्री खुद कहेंगे । उन्होंने कहा कि एनआरसी पर जदयू का क्या स्टैंड है यह मुख्यमंत्री बताएंगे। जदयू नेता ने राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह के कल के उनके संबंध में दिये गये बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह पार्टी के बड़े नेता हैं। उन्होंने जो कह दिया, वह कह दिया। इसे अधिक तूल देने की जरूरत नहीं है। उनपर (प्रशांत किशोर) जिसे जो आरोप लगाना है वह लगाएं।
नीतीश कुमार ने उनसे कहा है कि पार्टी में कोई कुछ कहता है तो उसपर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। गौरतलब है कि आरसीपी सिंह ने कल पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) को संसद में समर्थन देने को लेकर सार्वजनिक तौर पर पार्टी नेतृत्व के खिलाफ ट्विट करने के कारण किशोर पर तीखा प्रहार करते हुए कहा था कि सीएबी पर पार्टी का स्टैंड स्पष्ट है और वह मजबूती से उस पर कायम है। जिन को यह स्वीकार नहीं है वह अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।


उन्होंने तल्ख लहजे में कहा था, ''कौन हैं प्रशांत किशोर। अभी वह किसके लिए काम कर रहे हैं। सभी जानते हैं कि वह अनुकम्पा पर जदयू में आये हैं। हमारे नेता ने उन्हें इतना बड़ा सम्मान दिया लेकिन वह क्या कर रहे हैं देखिए। उन्होंने किशोर के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि पार्टी उनपर कोई कार्रवाई नहीं करेगी। वह पार्टी में कुछ भी नहीं हैं। पार्टी में अभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव हुआ है और उसके बाद नई कमेटी नहीं बनी है। लिहाजा न किशोर पार्टी के उपाध्यक्ष हैं और न वह (आरसीपी) महासचिव। उन्होंने कहा कि किशोर जदयू के सदस्य भी नहीं हैं।