प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मीडिया विभाग के प्रमुख प्रद्युत बरदलै ने आरएसएस व भाजपा पर तीखे हमल किए हैं। उनके मुताबिक ये दोनों मिलकर पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई को असमिया जाति को खंड खंड विभाजित करने की चेष्टा करने वाला निरुपित कर रहे हैं, जबकि गोगोई के मुख्यमंत्री रहते कांग्रेस नीत सरकार ने राज्य के चहुंमुखी विकास के लिए अभूतपूर्व कार्य किए हैं।

 यहां पत्रकारों के सामने बरदलै ने कहा कि आरएसएस व भाजपा गोगोई और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के खिलाफ नियोजित तरीके से अभियान चला रहे हैं। कांग्रेस शासन के समय राज्य के विभिन्न खिलंजिया जनसमूहों के उनके सामाजिक आर्थिक विकास के लिए स्वायत्त शासी परिषद और विकास परिषद गठित किए गए थे। संघ व भाजपा इसे असमिया जाति को टुकड़े टुकड़े करने की हरकत बताने की कोशिश कर रहे हैं। राज्य के पूर्व उद्योग व वाणिज्य मंत्री बरदलै के मुताबिक दरअसल कांग्रेस और संघ भाजपा के बीच यही मौलिक अंतर है। कांग्रेस सभी समुदायों का विकास करती है और संघ भाजपा इसके विपरीत। ये लोग बहुत कुछ बातें पेट में छिपाए रखते हैं। ऊपर-ऊपर चिकनी चुपड़ी बोलते हैं।

 उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य में भाजपा के सत्ता पर आने के बाद संघ अखंड भारत-एक भाषा और एक धर्म (हिंदू) की नीति सभी पर थोपना चाहते हैं। बरदलै के मुताबिक कांग्रेस लोकप्रिय गोपीनाथ बरदलै के समय से ही असम को अनेक रंगों और सुगंधि फूलों से खिली वाटिका के रूप में समाहित करता आ रहा है। इसलिए कांग्रेस सभी के समान विकास और अवसर की बात करती है। कांग्रेस की इस तरह की चिंता धारा के विपरीत संघ व भाजपा का जोर एक देश, एक भाषा और एक जाति पर है।