पूर्व उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री प्रघुत बरदलै ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास योजना (एनआईडीएस) की आलोचना करते हुए इसे जनता को मोदी सरकार का लॉलीपॉप बताया है। उन्होंने कहा कि एनआईडीएस सिर्फ चार साल की योजना है।

 

एक संवाददाता सम्मलेन को सम्बोधित करते हुए बरदलै ने दावा किया कि पूर्व की केंद्र सरकार द्वारा लागू पूर्वोत्तर औधोगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (एनआईआईपीपी) के जरिए असम का विकास हुआ था। मोदी सरकार मे एनआईआईपीपी को बंद कर असम सहित पूर्वोत्तर का नुकसान किया है।


उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर एनआईआईपीपी को बंद कर मोदी सरकार ने जनता को कम पैमाने का एनईआईडीएस दिया है। इसके साथ ही बरदलै ने अगप की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने असम को विशेष राज्य वाली सूची से हटाल दिया है जिसका एनडीए में सहयोगी होने के नाते अगप को विरोध करना चाहिए था और अगप के नेताओं को तो सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए था।

लेकिन सब कुछ देखकर व समझने के बावजूद अगप ने बीजेपी का साथ दिया क्योंकि अगप ने अपना क्षेत्रीयतावादी चरित्र खो दिया है। बरदलै ने आरोप लगते हुए कहा कि भाजपा ने हर जगह भगवाकरण करना शुरू कर दिया है। यहां तक कि राजीव गांधी ग्रामीण बिजलीकारण का भी भगवाकरण कर दिया है और तो और बिजली ट्रांसफार्मरों का रंग भी बदल कर भगवा कर दिया है।


पंचायत चुनाव पर भी उन्होंने भाजपा को घेरा और कहा कि भाजपा चाहती ही नहीं है कि असम में पंचायत चुनाव समय पर हों, उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के खिलाफ भाजपा विधायक पियूष हजारिका द्वारा थाने में शिकायत दर्ज कराने के मुद्दे पर कहा कि यह सब हिमंता विश्व सरमा के इशारे पर हो रहा है। कांग्रेस मे चल रहे घनासान पर बरदलै ने कहा कि निलंबित कांग्रेसी अनिल राजा और पूर्व मुख्यमंत्री रकीबुल हुसैन के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप से पार्टी को नुकसान हुआ है।