लखनऊ में कई जगह पोस्टर लगाकर (Posters Put Up In Roads Of Lucknow) दावे किए गए हैं कि कांग्रेस किसानों के प्रति झूठी सहानुभूति जता रही है। बुधवार की सुबह सामने आए पोस्टर, में कांग्रेस को 1984 के सिख दंगों (1984 Sikh Riots) की याद दिलाते हुए पार्टी से दबे धावों को न कुरेदने का आग्रह किया गया है। पोस्टर कथित तौर पर कुछ स्थानीय सिख संगठनों द्वारा लगाए गए हैं।

साहिब श्री गोविंद सिंह सेवा समिति के अध्यक्ष सरदार त्रिलोचन सिंह द्वारा लगाए गए एक पोस्टर में लिखा है, नकली सहानुभूति की जरूरत नहीं है। लखीमपुर (Lakhimpur Kheri) के किसानों को 1984 के दंगों के लिए जिम्मेदार लोगों से सहानुभूति नहीं रखनी चाहिए। लखनऊ में एक पोस्टर गुरुनानक वाटिका कमिटी, आलमबाग के अध्यक्ष रविंद्र पाल सिंह (Ravindra Pal Singh) की ओर से लगाया गया है। इसमें लिखा है, 'नहीं चाहिए फर्जी सहानुभूति, जिन लोगों ने 1984 का कत्लेआम किया, उनका साथ नहीं चाहिए, हम न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, दंगाइयों का साथ नहीं चाहिए।'


जहां भाजपा का दावा है कि पोस्टर कांग्रेस के लिए सिखों के गुस्से को दशार्ते हैं, वहीं पार्टी के नेता पोस्टरों को सरकार द्वारा प्रायोजित अभियान बताते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जिन नेताओं के नाम का पोस्टर में उल्लेख किया गया है, उनमें से एक ने हमें फोन किया और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वह काफी दबाव में थे।