सेविंग और इन्वेस्टमेंट के सुरक्षित साधन ढूंढने वालों के लिए पोस्ट ऑफिस व बैंक की योजनाएं पसंदीदा विकल्प हैं। ऐसे लोग फिक्स्ड डिपॉजिट या रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम्स में पैसे लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। एफडी के साथ ये समस्या आती है कि आपको एक ही बार में बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है। ऐसे में आरडी अधिक सुविधाजनक विकल्प बन जाता है।

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यदि आरडी स्कीम्स की बात करें तो इस मामले में बैंकों की तुलना में पोस्ट ऑफिस को चुनना फायदेमंद है। पोस्ट ऑफिस की एक स्कीम तो आपको 100 रुपये से भी सेविंग शुरू करने का विकल्प देती है और बैंकों से ज्यादा ब्याज भी मिलता है।

हम आपको बता रहे हैं कि पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग्स रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट के बारे में। इस स्कीम के तहत अगर आप पांच साल के लिए रिकरिंग डिपॉजिट अकाउंट खुलवाना चाहते हैं, तो इसे कम से कम 100 रुपये में खुलवाया जा सकता है। इंडिया पोस्ट पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस स्कीम में चक्रवृद्धि ब्याज यानी कम्पाउंडिंग का फायदा मिलता है। इस स्कीम में अभी सालाना 5.8 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। ब्याज की गणना हर तिमाही में चक्रवृद्धि आधार पर की जाती है। इसका मतलब हुआ कि हर तिमाही के बाद ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है।

इंडिया पोस्ट की अधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति इस स्कीम में अपना सिंगल अकाउंट खुलवा सकता है। इसके अलावा तीन व्यस्क लोग मिलकर ज्वाइंट अकाउंट भी खुलवा सकते हैं। यह अकाउंट 10 साल से अधिक उम्र वाले माइनर के नाम से भी खुलवाया जा सकता है। यदि बच्चे की उम्र 10 साल से कम है तो उसके लिए अभिभावक इस स्कीममें अकाउंट खुलवा सकते हैं। इस स्कीम में आप हर महीने न्यूनतम 100 रुपये जमा करा सकते हैं। ज्यादा से ज्यादा आप जितना जमा कराना चाहें, इसकी लिमिट नहीं है।

आपका अकाउंट जिस तारीख को खुला है, हर महीने उस तारीख से पहले आपको जमा कराना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो आपके अकाउंट को डिफॉल्ट बना दिया जाएगा, जिसे मामूली जुर्माना देकर नॉमल किया जा सकता है। हालांकि अगर आपने लगातार चार महीने डिफॉल्ट कर दिया तो अकाउंट बंद हो जाएगा। इसके बाद भी पोस्ट ऑफिस अकाउंट को फिर से चालू कराने के लिए 2 महीने का एक्स्ट्रा समय देता है।

इंडिया पोस्ट की इस स्कीम की खास बात है कि आप अचानक जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले भी इसका फायदा उठा सकते हैं। अगर आपने लगातार 12 इंस्टॉलमेंट का समय से भुगतान किया है तो 1 साल बाद आप अकाउंट में जमा राशि के 50 फीसदी के बराबर लोन ले सकते हैं। बाद में लोन को एक ही बार में या किस्तों में चुकाया जा सकता है। अकाउंट के तीन साल हो जाने के बाद इसे कभी भी मैच्योरिटी से पहले भी बंद कराया जा सकता है। 5 साल में मैच्योर हो जाने के बाद इसे आगे बढ़ाने की भी सुविधा मिलती है।

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यदि इसकी तुलना लीडिंग बैंकों से की जाए तो फायदा साफ दिख जाता है। सबसे बड़ा सरकारी बैंक एसबीआई रिकरिंग डिपॉजिट पर 5.1 फीसदी से 5.5 फीसदी तक ब्याज देता है। प्राइवेट सेक्टर में सबसे बड़े HDFC Bank की समान स्कीम देखें तो इसे खुलवाने के लिए 100 रुपये के बजाय 1000 रुपये की जरूरत होगी। वहीं यह बैंक आरडी स्कीम पर 3.5 फीसदी से 5.60 फीसदी तक ब्याज ऑफर करता है। इसी तरह ICICI Bank भी आरडी स्कीम पर 3.5 फीसदी से 5.60 फीसदी तक ब्याज देता है।