देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। बीजेपी के करीब आधे दर्जन सांसद आगामी संसद सत्र में जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए प्राइवेट मेंबर बिल ला सकते हैं। यह जानकारी पार्टी सूत्रों ने दी है।

संसद में फिलहाल जनसंख्या नियंत्रण कानून का एक बिल लंबित है, जिसे बीजेपी सांसद राकेश सिन्हा ने पिछले साल पेश किया था। राकेश सिन्हा की ओर से पेश किए गए बिल में दो से अधिक बच्चे होने पर सरकारी सुविधाओं से वंचित करने जैसा सख्त कानून बनाने की बात है। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, डॉ. अनिल अग्रवाल, रविकिशन सहित बीजेपी के करीब आधे दर्जन सांसद प्राइवेट बिल लाने की तैयारी में हैं। वहीं शिवसेना के भी एक सांसद की ओर से जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए प्राइवेट बिल लाने की सुगबुगाहट है। बिल लाने की तैयारी में जुटे सांसद इसमें वकीलों की मदद ले रहे हैं।

जनसंख्या नियंत्रण कानून के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे बीजेपी नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा, ‘‘जनसंख्या नियंत्रण कानून के मसले पर कई प्राइवेट मेंबर बिल आने की संभावना है। जनसंख्या नियंत्रण कानून के मसले पर दलीय सीमाएं भी टूट सकतीं हैं। बीजेपी के अलावा दूसरे दलों के सांसद भी बिल पेश कर सकते हैं। कुछ सांसदों ने इस पर राय भी मांगी है। जनसंख्या नियंत्रण कानून बनने पर देश में एक साथ कई समस्याओं का खात्मा हो सकता है।’’

सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से पिछले साल 15 अगस्त 2019 को लाल किले की प्राचीर से जनसंख्या नियंत्रण पर जोर दिया था, उससे सरकार भी आगे जनसंख्या नियंत्रण बिल ला सकती है। लेकिन सांसद अपने स्तर से प्राइवेट मेंबर बिल लाकर इस दिशा में माहौल बनाने की कोशिश में हैं। सितंबर के दूसरे हफ्ते से संसद सत्र के शुरू होने की संभावना है। कोरोना के कारण इस बार का सत्र विशेष सावधानियों के साथ आयोजित होगा। राज्यसभा और लोकसभा प्रशासन की ओर से इसको लेकर खास इंतजाम किए जा रहे हैं।