असम के नगांव जिले के एक बीमार दंपत्ति ने अपने इलाज के लिए महज डेढ़ हजार में अपनी 18 महीने की बच्ची को बेंच दिया। कहते हैं न कि हायरे ये गरीबी क्या-क्या नहीं करवाएगी, असम के नगांव जिले में एक गरीब दंपत्ति ने अपनी 18 महीने की बच्ची को एक निसंतान माता-पिता को महज डेढ़ हजार में बेंच दी।

 

 

चाइल्डलाइन के सदस्यों ने बच्ची को पुलिस की मदद निसंतान माता पिता से छुड़ा लिया है। हालांकि निसंतान माता पिता ने उस बच्ची के मा-बांप से उसे गाेद लेने की इच्छा जतार्इ है। जानकारी के मुताबिक निसंतान माता पिता को पुलिस ने यह भरोसा दिलाया है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के होने के बाद बच्ची काे उन्हें सौंप दिया जाएगा। 


ये घटना नगांव जिले के बरपथार गांव की बतार्इ जा रही है। गरीबी से घिरे बच्ची के मा-बांप की तबियत अक्सर खराब रहती है। दो जून की रोटी तो जल्दी नसीब नहीं हो पाती है तो इलाज कराने के पैसे दोनों के पास कहा से आयेंगे। सरकारी अस्पताल से दवार्इयां नहीं मिल पा रही हैं।

बड़ी मुश्किल से कामपुर तहसील के बुढ़ापतियां गांव के निसंतान दंपत्ति उनके संपर्क में आए थे। जिन्होंने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता कर बच्ची को डेढ़ हजार में खरीद लिया। घटना की खबर जंगल में आग की तरह फैल गर्इ। जानकारी मिलते ही चाइल्डलाइ के कर्मचारियों ने पुलिस की मदद से बच्ची को दंपत्ति से मुक्त करवाया।