उदालगुड़ी में गरीबी के चलते एक वृद्ध की जान चले जाने की खबर सामने आई है। दरअसल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के एक वृद्ध रोगी को कथित रूप से महेंद्र मोहन चौधरी अस्पताल के चिकित्सकों ने स्वस्थ बता कर छुट्टी दे दी, मगर चंद घंटों के भीतर ही वृद्ध रोगी ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया।


घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पानबाजार स्थित एमएमसीएच में काफी हंगामा भी हुआ, जिसके बाद पानबाजार पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार उदालगुड़ी जिले के डिमाकुची गांव के रहने वाले गोकुल चासनी नामक वृद्ध रोगी अपनी पत्नी के साथ सुबह एमएमसीएच में इलाज के लिए आए थे। अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे रात को स्वस्थ बता कर छुट्टी दे दी।


क्या था मामला
आर्थिक रूप से कमजोर गोकुल के पास न तो खाने को पैसे थे और न ही घर लौटने के। ऐसे में बीमारी से पीड़ित गोकुल अस्पताल परिसर में ही पत्नी के साथ एक कोने में बैठा रहा। रात करीब 11 बजे उसकी तबियत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। खबर मिलते ही पानबाजार थाना प्रभारी हेमेन दास वहां पहुंच गए और बीमार गोकुल को अस्पताल के भीतर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 70 वर्षीय गोकुल की मौत से उसकी पत्नी पूरी तरह टूट चुकी हैं। गरीब परिवार के सरकारी अस्पताल में यह दुर्दशा देख स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मगर मौके पर मौजूद पानबाजार थाना प्रभारी श्री दास और अन्य पुलिसकर्मियों ने परिस्थिति को बिगड़ने से रोक लिया।