संसद के दोनों सदनों में मंगलवार को ब्रह्मपुत्र नदी में प्रदूषण का मुद्दा उठा। जिसके बाद सरकार ने इसे गंभीर मामला बताते हुए इसे सर्वोच्च स्तर पर उठाने का भरोसा दिया।

लोकसभा में शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए बीजेडी के बी महताब ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में असम के छात्रों के साथ ही अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी ब्रह्मपुत्र नदी के पानी के प्रदूषित होने के मुद्दे को उठाया है।

महताब ने कहा कि पिछले दिनों इस विषय में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की चीन के विदेश मंत्री के साथ बैठक की खबरें भी आई थीं लेकिन इस विषय पर चीन की प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने कहा कि हम इस विषय पर चीन की प्रतिक्रिया के साथ भारत का भी रुख जानना चाहते हैं।

असम से बीेजेपी सांसद विजया चक्रवर्ती ने भी इस विषय को उठाते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी अरुणाचल और असम से होकर बहती है और इसका प्रदूषित होना बहुत गंभीर मामला है।

संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने इस पर कहा कि यह बहुत गंभीर विषय है. असम और पूर्वोत्तर के राज्यों को ब्रह्मपुत्र के प्रदूषण के प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार में सर्वोच्च स्तर पर इस विषय को उठाऊंगा’। वहीं राज्यसभा में यह मुद्दा कांग्रेस के रिपुन बोरा ने उठाया।

उन्होंने ब्रह्मपुत्र नदी के पानी के दूषित होने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसी खबरें हैं कि चीन इस नदी के करीब एक सुरंग बना रहा है और उसका बड़ा हिस्सा पूरा हो गया है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि उसे संसदीय प्रतिनिधियों और नदी विशेषज्ञों का एक दल वहां भेज कर जांच कराना चाहिए और यह मुद्दा चीन के सामने भी उठाना चाहिए।