गुवाहाटी।  पंचायत चुनाव के ऐन मौके पर राजनीतिक गलियारे में हिंदू बंगाली को लेकर एक बार फिर से मचे बवाल के बीच असम प्रदेश भाजपा ने कहा है कि कुछ लोग और दल-संगठन मिल कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करने में लग गए है, जबकि वास्तविकता ऐसी नहीं है। 

भाजपा की सरकार वही कर रही है जो वर्ष 1952 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने धार्मिक हत्याचार के कारण दूसरे देश से  भाग कर शरण लेने के लिए यहां आने वाले हिंदू, सिख ,जैन और बोद्धों  के बारे में कहा था ।

पार्टी प्रवक्ता सैयद मुमिनुल अवाल तथा रूपम गोस्वामी ने कहा है कि इस तरह की बातों का प्रचार किया जा रहा है कि नागरिकता कानून 2016 के पारित होने के बाद बांग्लादेश से  करोडों हिंदुओं का यहां पलयान शुरू हो जाएगा जबकि उसमें 31 दिसंबर 2016 तक की बात ही कही गई है। 

उन्होंने कहा है कि धार्मिक आधार पर देश विभाजन के कारण पडोसी देश पाकिस्तान या बांग्लादेश  में शामिल अत्याचार के कारण वहां से  पलयान करने वाले गैर मुसलमानों को शरण देने के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की सरकार ने जो प्रावधान किया था ,भाजपा की सरकार उसी का पालन करने जा रही है। 

उन्होंने कहा है कि भाजपा की सरकार को यह इसलिए करना पड़ रहा है कि कांग्रेस की सरकार ने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया ।

भाजपा  ने कहा है कि पडोसी देशों से जान और धर्म बचाने के लिए भाग कर आए हिन्दू,सिख ,जैन और बौद्ध नागरिकों को लेकर भाजपा सरकार की नीति शुरू से लेकर आज तक एक ही रही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

उन्होंने कहा है कि जहाँ तक पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गाँधी द्वारा हस्ताक्षरित असम समझौते को दशकों बाद लागू करने की बात है, तो राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और इसमें कहीं से  कोई संदेश की गुंजाइश नहीं है ।