केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने को प्रतिबद्ध है कि असम में उन छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाए, जो इसकी मांग कर रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि असम सरकार ने कोच-राजबोंगशी, ताई-अहोम, चुटिया, मोरन, मटक और चाय बागान क्षेत्र के आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था और हम इसका समर्थन करते हैं।


अठावले ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन ओबीसी समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने का आश्वासन दिया है और हम निश्चित तौर पर इसे आगे बढ़ाएंगे और इसे संभव बनाना सुनिश्चित करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहाए अगर अनुसूचित जनजाति आयोग विचार करता है और इसकी अनुशंसा करता है तो संसद में विधेयक पेश किया जा सकता है और इन समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिया जाएगा।


अठावले ने कहा कि इन समुदायों के अलावा सरकार असम में कलिता और ब्राह्मणों जैसी सामान्य जातियों के लोगों को आर्थिक रूप से पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण प्रदान करना चाहती है। उन्होंने कहाए सामान्य जातियों में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं और इनको नौकरियों और शिक्षा दोनों में आरक्षण की जरूरत है।