पूर्वोतर में भूकंप का जोरदार झटका महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता 5.9 आंकी गयी है। भारतीय मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस भूकंप के कारण किसी के हताहत होने अथवा इससे संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।  लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हर राजनेता जनता के साथ भावनात्मक कार्ड खेलने का एक मौका नहीं गंवाता है। इसी के एक खास तस्वीर देखने मिली है।
    
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बातचीत की और राज्य तथा क्षेत्र के अन्य हिस्सों में इसके प्रभाव एवं इससे होने वाले संभावित क्षति के बारे में जानकारी ली। सोनोवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने व्यस्त चुनावी कार्यक्रम होने के बावजूद भूकंप के कारण संभावित क्षति और इसके प्रभाव के आकलन के लिए समय निकाला। इससे असम और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों के प्रति उनका प्यार और उनकी चिंता झलकती है ।
    
विभाग ने बताया कि भूकंप का केंद्र इटानगर से 180 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम और आलोंग से 40 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में स्थित था । मौसम विभाग के अनुसार भूकंप का यह झटका आधी रात के बाद एक बजकर 45 मिनट पर महसूस किया गया । भारतीय मौसम विभाग ने जहां भूकंप की तीव्रता 5.9 आंकी है वहीं अमेरिकी जियोलाजिकल सर्वे ने इसे 6.1 बताया है । अरूणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक एस वी के सिंह ने बताया कि उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से संपर्क किया गया है लकिन कहीं से भी क्षति की सूचना नहीं है ।

वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलाजी के प्रोफेसर त्रिलोचन सिंह ने इसे ''उथला भूकंप करार दिया, जिसे खतरनाक माना जाता है। इसका प्रभाव 40 से 50 किलोमीटर के क्षेत्र में होता है । सिंह ने बताया कि यह भूकंपीय जोन पांच के अंतर्गत आता है इसलिए इस हिमालयी राज्य में मध्यम तीव्रता का भूकंप अक्सर महसूस किया जाता है । अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को तड़के तिब्बत में 6.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया, हालांकि इसमें भी किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है ।