पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने बीजेपी को पटखनी दे दी है। बीजेपी को टीएमसी ने करारी हार दी है। बीजेपी की करारी हार के बाद अब बंगाल में प्रदेश नेतृत्व में तकरार छिड़ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और मेघालय तथा त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने बंगाल में बीजेपी की हार को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने बंगाल में बहुत ही मेहनत की है लेकिन फिर भी ममता को हराने में नाकामयाब रहे।  

रॉय ने प्रदेश में हार के लिए भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष, शिव प्रकाश, अरविंद मेनन और प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय सहित बीजेपी के अन्य नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाया है।
तथागत रॉय ने ट्वीट करते हुए कहा कि '' पश्चिम बंगाल में जिस तरह से बीजेपी की हार हुई है उसे देखते हुए अगर पार्टी में बड़े बदलाव नहीं किए गए तो जो कार्यकर्ता जमीनी स्त र पर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं वो भी पार्टी का साथ छोड़ देंगे और ये पश्चिम बंगाल में पार्टी का अंत होगा ''।

रॉय ने कहा कि मैं हार के लिए केंद्र सरकार को दोष नहीं ठहरा रहा हूं बल्कि यह कह रहा हूं कि देश में केंद्रीय नेतृत्व जो भी आदेश देता है उसे राज्य में मौजूद नेता ही आगे बढ़ाते हैं लेकिन बंगाल में ऐसा नहीं हुआ है। बंगाल में मौजूद पार्टी के नेताओं ने बीजेपी के पिछड़ने के लिए मजबूर किया है। रॉय ने कहा कि दो कारण बता रहा हूं, पहला तृणमूल से आया हुआ कचरा जिसने बीजेपी का दामन थामा है, तृणमूल से आने वाले कचरे के टिकट बांटने और 7-सितारा होटलों से आराम फरमाने की कोशिश करते रहे।