पांच बार मेघालय के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीडी लपांग ने पिछले सप्ताह पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पार्टी छोड़ने के बाद लपांग ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने के बाद राजनीतिक करियर समाप्त नहीं हुआ है। 

हालांकि उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया है कि वह किसी आैर पार्टी में शामिल होंगे लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है कि वे आगे भी जनता की सेवा करते रहेंगे। लपांग ने मेघालय स्थित अपने आवास से कांग्रेस पार्टी की सदस्यता छोड़ने का एेलान किया।


इसके बाद वे दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा देने के लिए गए। लपांग ने सोमवार को मीडिया को बताया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताअों ने मुझे रोकने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस की नीति के खिलाफ हूं आैर मैं अब भी जनता के लिए काम करता रहूंगा।


लपांग ने बताया कि राहुल गांधी ने मुझसे बात की सोनिया गांधी भी मुझसे इस मसले पर बात करना चाहती थीं तो वहीं मेघालय के विपक्ष के नेता मुकुल संगमा ने भी करीब एक घंटे बात की लेकिन मैं फैसला ले चुका था।


बता दें कि रिबोही में नांगपोह विधानसभा से लपांग 1972 से प्रतिधिनिधित्व करते आए थे। इस बार फरवरी में हुए विधानसभा चुनाव में लपांग को उम्मीदवार पद के लिए नहीं उतारा गया। इसके बाद पिछले साल दिसंबर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें मेघालय में प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटा कर सेलेस्टीन लिंग्दोह को प्रदेश अध्यक्ष चुना। 


लपांग को इस तरह से हटाएं जाने को लेकर सत्तारूढ़ एनपीपी आैर भाजपा ने भी नाराजगी जतार्इ थी। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा था कि यह काफी दुखद है आैर एक वरिष्ठ नेता के साथ एेसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा था कि मुझे लगता है कि कांग्रेस को एहसास होगा कि यह पार्टी के लिए यह नुकसानदायक होगा। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने कहा था कि इसे कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका कहा जा सकता है।