हरियाणा सरकार राज्य में इलैक्ट्रिक वाहनों के निर्माण तथा पैट्रोल-डीजल वाहनों को इलैक्ट्रिक वाहन में परिवर्तित करने के लिए एक नीति बनाएगी तथा इस सम्बंध में वाहन निर्माताओं और सम्बंधित उद्योगों से जुड़े विशेषज्ञों से विचार-विमर्श कर सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे। राज्य के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने आज यहां उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुये इस सम्बंध मे नीति तैयार करने के निर्देश दिये। 

इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव विजयेंद्र कुमार, महानिदेशक साकेत कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री चौटाला ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदूषण का कारण बने डीजल-पैट्रोल के वाहनों की जगह पर्यावरण अनुकूल इलैक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने हेतु नीति बनाने का निर्णय लिया है। नए इलैक्ट्रिक वाहनों की खरीद के अलावा मौजूदा वाहनों का भी समय पूरा होने पर उन्हें इलैक्ट्रिक वाहनों से बदला जाएगा। यह काम चरणबद्ध तरीके से पूरा होगा। वाहन चार्जिंग में कोई दिक्कत न आए इसके लिए हर शहर के अलावा मुख्य सड़कों पर भी जगह-जगह चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

पंचकूला में प्रदेश के पहले चार्जिंग स्टेशन की शुरुआत हो चुकी है। सरकारी दफ्तरों और बोर्ड-निगमों के अलावा निजी जगहों पर भी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। हरियाणा सरकार सभी नए अपार्टमेंट, हाईराइज बिङ्क्षल्डग और टेक्नालोजी पार्क में वाहन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर बल देगी। सरकार इलैक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के निपटान के लिये इस बाजार को भी प्रोत्साहित करेगी। इसी तरह क्लीन फ्यूल और अक्षय ऊर्जा आधारित चार्जिंग/बैटरी स्वैङ्क्षपग स्टेशन को भी बढ़ावा दिया जाएगा।