देश में मानव तस्करों का गैंग सक्रिय है आैर अाए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे। अक्सर देखा जाता है कि काम देने के बहाने लड़कियों को उनके शहर से दूसरे शहर में लाकर बेंच दिया जा रहा हैं। इसी कड़ी में पूर्वोत्तर राज्य असम में चलती ट्रेन से सात लड़कियों को बचाया गया जिन्हें कथित रूप से मुम्बई ले जाया जा रहा था।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने इस संबंध में एक महिला को गिरफ्तार किया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद रांगिया मंडल के आरपीएफ कर्मी 10 जुलाई को डाउन गुवाहाटी लोकमान्य तिलक टर्मिनल एक्सप्रेस में सवार हुए और लड़कियों को बचाया।

महिला तस्कर गिरफ्तार
उन्होंने कहा कि आरपीएफ ने चार लड़कियों को एक कोच से बचाया। तीन और लड़कियों को एक अन्य कोच से बचाया गया जबकि उनके साथ रही महिला तस्कर को भी पकड़ लिया गया। इन लड़कियों को एक मछली कारखाने में रोजगार देने के नाम पर मुम्बई ले जाया जा रहा था। सातों लड़कियों को आगे की उचित कार्रवाई के लिए रांगिया लाया गया है।

इससे पहले भी सामने आया है एेसा मामला
शर्मा ने कहा कि गिरफ्तार की गई 40 वर्षीय महिला असम के बक्सा जिले की रहने वाली है। उसने पूछताछ के दौरान बताया कि वह कमीशन के आधार पर लड़कियों को मुम्बई लेकर जा रही थी। इससे पहले मई में कामरूप जिले में रांगिया रेलवे स्टेशन पर चार लड़कियों और दो महिलाओं को आरपीएफ ने बचाया था जब उन्हें तस्करी करके ले जाया जा रहा था।

तो वहीं अभी दो दिन पहले काम दिलाने का झांसा देकर असम के जोरहाट से हावड़ा लायी गयी एक किशोरी को गोलाबाड़ी थाना पुलिस ने एक लॉज से बरामद किया। मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस ने लाॅज में छापेमारी की आैर तीन आरोपियोंं को गिरफ्तार किया। आरोपियों को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।