हाल ही में यूपी में ग्रेटर नोएडा की पूर्वांचल सिल्वर सिटी सोसायटी से 6.5 करोड़ कैश और 40 किलो सोना चोरी हुआ था। लेकिन इसको लेकर कोई भी सामने नहीं आया था कि वह संपत्ति किसकी थी। लेकिन अब उसें राममणि पांडेय और उसके बेटे किशलय पांडेय का ही होने की बात कही जा रही है। नोएडा पुलिस ने रविवार को फिर यह बात दोहराई। अब पुलिस की जांच में यह तैयारी है कि सीधे तौर पर साक्ष्य जुटाकर साबित किया जाए कि यह प्रॉपर्टी किस तरह से इन दोनों की थी। पुलिस ने शनिवार को ग्रेनो में किशलय पांडेय के परिवार से ग्रेनो पूछताछ की थी। इधर किशलय ने अपने ट्विटर अकाउंट से इस केस में स्टेटमेंट जारी किया है।

बाप-बेटे की कई कंपनियों और मूवमेंट का रेकॉर्ड भी पुलिस ने लगभग जुटा लिया है। जिस फ्लैट से चोरी हुई वह सोसायटी के टावर-5 में है। यह बात भी सामने आ गई है। इसको लेकर नोएडा पुलिस के टॉप लेवल अधिकारी और जांच टीम की अगुवाई कर रहे अधिकारियों की शनिवार व रविवार को कमिश्नरेट मुख्यालय में कई-कई घंटे तक बैठक हुई।

नोएडा पुलिस ने बड़ी बरामदगी और प्रापर्टी किसकी पता चली है यह जानकारी इनकम टैक्स व ईडी को दे दी है। अब इनकम टैक्स और ईडी दोनों की कार्रवाई अहम मानी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनकम टैक्स ने अपनी जांच भी शुरू कर दी है। अभी यह तय नहीं हो पाया है कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस मामले में कोई नया केस दर्ज करवाएगा या फिर पुलिस की तरफ से जो बरामदगी का केस दर्ज किया गया है उसी में जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

पुलिस को किशलय पांडेय ने यह बताया है कि वह और उसके पिता विदेश में हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों के पासपोर्ट की डिटेल हासिल करने की कार्रवाई के लिए आवेदन भी कर दिया है।

यह माना जा रहा है कि सोमवार को यह जानकारी नोएडा पुलिस को मिल जाएगी। कि यह कब-कब भारत आए और कब गए। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि उनके पास यह मजबूत इनपुट है कि चोरी होने की सूचना के बाद किशलय दिसंबर-जनवरी में भारत आया था।