स्कूल के बाहर शिक्षक की दिनदहाड़े हत्या के बाद फ्रांस की पुलिस इस्लामिक संगठनों के खिलाफ एक्शन में आ गई है। बड़े पैमाने पर छापे मारे जा रहे हैं। बहुत से स्थानों पर संदिग्ध विदेशियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हाल ही चेचेन मूल के आतंकी ने शिक्षक सैम्युएल पैटी की उनके स्कूल के बाहर गर्दन काटकर हत्या कर दी थी। 

वारदात के कुछ ही देर बाद पुलिस ने आतंकी को ढेर कर दिया था। जानकारी के अनुसार कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई के वित्त मंत्री के संकेत के बाद फ्रांस की पुलिस ने उनके ठिकानों पर छापे मारे। गृह मंत्री जेराल्ड डरमेनिन ने कहा कि सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले 50 संगठनों के सदस्य सरकार के निशाने पर हैं। इनके ऑनलाइन पोस्ट से संबंधित 80 मामलों में जांच शुरू कर दी गई हैं। दो लोगों ने पैटी के खिलाफ फतवा जारी कर कार्रवाई की मांग की थी। इन सहित कई अन्य मामलों में पुलिस कार्रवाई कर रही है।

बताया जा रहा है कि कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े 213 विदेशियों को वापस उनके देश भेजने की तैयारी हो रही है। इनमें से 150 जेल में हैं। ये सभी लोग सरकार की निगरानी सूची में हैं। पैटी की हत्या के मामले में अभी तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के रडार पर वे लोग भी हैं जिन्होंने पैटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभियान चलाया था। इन लोगों ने पैटी द्वारा अभिव्यक्ति की आजादी की पढ़ाई कराते समय धार्मिक कार्टून दिखाने को गलत माना था।

जानकारी के अनुसार मोरक्को में जन्मा आब्देल हाकिम सेफरूई नाम का शख्स वर्षों से सोशल मीडिया पर मुस्लिमों के पक्ष में अभियान चलाकर फ्रांस सरकार पर दबाव बनाता आ रहा है। नौ साल पहले भी उसने सरकार विरोधी अभियान छेड़ा था। पेरिस के पास सेंट ओयून नाम के कस्बे में एक हाईस्कूल द्वारा मुस्लिम लड़कियों के पहनावे पर रोक लगाने पर सेफरूई उसके खिलाफ खड़ा हो गया था। बाद में स्कूल को अपना फैसला वापस लेना पड़ा था। आब्देल पिछले 15 वर्षों से फ्रांंसीसी खुफिया एजेंसियों की निगरानी सूची में है। इस बार उस पर भी कार्रवाई हो सकती है।