पुलिस ने दावा किया है कि पूर्वी जयंतिया हिल्स में कोयले के अवैध परिवहन को रोकने की कोशिश कर रहे पुलिस कर्मियों की मारपीट में शामिल सभी लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा। ज्ञात हो कि कोयले के अवैध परिवहन को रोकने पर गत एक मई की रात कोयला खनन समूह द्वारा ट्यूबर सोहश्री में एनजीटी गेट की रखवाली करने वाले पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया था।

डीजीपी आर चंद्रनाथन ने शनिवार को कहा कि हमने हमलवारों की पहचान कर ली है और उनमें ले  सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस संदर्भ में पुलिस ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया है और पूर्वी जंयतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक द्वारा मामले की जांच की जा रही है। डीजीपी ने कहा कि अवैध रूप से कोयला ले जा रहे तीन ट्रकों ने एनजीटी के गेट से गुजरने की कोशिश की थी।पुलिस द्वारा अवैध परिवहन को रोकने की कोशिश करने पर कोयला खनन समूह द्वारा गेट की रखवाली करने वाले पुलिस कर्मियों पर हमला किया गया था। हमलावर लाठियों और अन्य हथियारों से लैस थे। हमलावरों ने पुलिस कर्मियों को एनजीटी गेट से गुजरने की अनुमती नहीं देने पर जान से मारने की भी धमकी दी। भीड़ ने उस समय जारी  तेज बारिश का भी फायदा उठाया। हालांकि मेघालय पुलिस की वेबसाइट ने कहा कि अवैध रूप से कोयला ले जाने वाले ट्रकों को गुवाहाटी ले जाया गया, डीजीपी ने कहा कि तीन ट्रक अभी भी मेघालय में हैं। कोयले के अवैध परिवहन की बार-बार हो रही घटनाओं से चिंतित एनजीटी पैनल ने शनिवार को पुलिस कर्मियों पर हमले की रिपोर्ट सरकार से मांगी।इससे पहले 2015में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने  जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खनन और परिवहन को रोकने के लिए सुरक्षा बलों को आंवटित किया था,  लेकिन उन्हें केवल तीन महीने के लिए तैनात किया गया था। राज्य सरकार ने अतिरिक्त बलों की तैनाती के लिए केंद्र को भी लिखा था। हालांकि, डीजीपी कोे उम्मीद थी कि एनजीटी पैनल के हस्तक्षेप से बल की आवश्यकता पूरी हो जाएगी।