नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ असम समेत पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में इस समय प्रदर्शन हो रहे हैं। लेकिन असम में अब ये प्रदर्शन हिंसक हो चुके हैं। इसी बीच कैब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा लालुंगगांव में गोलियां चलाने की खबर है। इस घटना में कुछ लोग कथित तौर पर घायल होना भी बताया गया है।

इस घटना को लेकर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शकारियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी की और ईंटे फेंकी और पुलिस ने जब उन्हें शांत कराने की कोशिश की तो ये लोग वहां से नहीं हटे। हालांकि इस गोलीबार में घायलों की संख्या नहीं बताई गई, लेकिन प्रदर्शनकारियों के मुताबिक इस घटना में कम से कम 4 लोग घायल हुए हैं।

गुवाहाटी में भी प्रदर्शनकारी कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए इस विधेयक के विरोध में सड़कों पर उतरने की घटना है। गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, जोरहाट और तिनसुकिया में सेना के जवानों ने फ्लैगमार्च किया है। सेना ने एक बयान में कहा कि सेना के पांच कॉलम के लिए अनुरोध किया गया था और यह असम में तैनात हैं।

असम के प्रभावशाली छात्र संगठन आसू और किसान संगठन केएमएसएस ने लोगों से कर्फ्यू का उल्लंघन करने का आह्वान किया है। गुवाहाटी में बुधवार शाम से अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रदर्शनकारियों ने अम्बरोई क्षेत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता हेमंत बिस्वा सरमा का पुतला जलाया। वहीं कॉटन विश्वविद्यालय और हंदीक गर्ल्स कॉलेज के विद्यार्थी भी कैब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। एक प्रदर्शनकारियों के मुताबिक यह उनके अस्तित्व की लड़ाई है।

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