ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट(एआईयूडीएफ) के पूर्व विधायक शेख शाह अलोम के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। अलोम पर आरोप है कि उसने गत रविवार को एक जनसभा के दौरान भड़काऊ भाषण देकर राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाडऩे की कोशिश की थी। एक्टिविस्ट कमल कुमार मेधी ने पानबाजार पुलिस थाने में अलोम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मेधी के मुताबिक अलोम का भाषण राज्य के सांप्रदायिक सौहार्द के लिए खतरा है। इस तरह के लोगों व गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। मेधी ने मांग की है कि अलोम के खिलाफ नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए)के तहत मामला दर्ज करना चाहिए। बदरुद्दीन अजमल के नेतृत्व वाली एआईयूडीफ ने गोआलपारा जिले के सोनारी में जनसभा की थी। इसमें अलोम भी शामिल हुआ था।

अलोम ने कथित रूप से कहा था कि अल्पसंख्यक समुदाय को उन लोगों पर हमले के लिए एक होना चाहिए जो उन्हें परेशान करने की कोशिश कर रहे हैं। अलोम ने कहा था, मुस्लिमों ने सैंकड़ों साल देश पर राज किया। इस दौरान अन्य धर्मों के लोगों को कभी परेशान नहीं हुई लेकिन पिछले 70 सालों से शासक अल्पसंख्यक समुदायों को प्रताडि़त कर रहे हैं। यह वक्त ऑफेंसिव होने और कमांड लेने का है। जनसभा में अजमल भी मौजूद थे। उन्होंने कथित रूप से अलोम को रोका और घोषणा की थी कि पार्टी अलोम के विचारों का समर्थन नहीं करती।
एआईयूडीएफ के महासचिव चम्पक कलिता ने कहा, पार्टी ने तुरंत अलोम को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उसने सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। पार्टी उनके विचारों का समर्थन नहीं करती। एआईयूडीएफ के विधायक अमिनुल इस्लाम ने कहा कि अलोम का भाषण पार्टी की छवि को खराब करने की बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। शहर पुलिस के सूत्रों का कहना है कि चूंकि घटना गोआलपारा जिले की है, इसलिए केस को आगे की कार्रवाई के लिए ट्रांसफर किया जा सकता है। पुलिस सबूतों के लिए मीटिंग से वीडियो क्लिपिंग्स एकत्रित कर रही है।