पतंजलि के योग प्रशिक्षक शांति नाथ बराल को असम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह पश्चिम बंगाल के पुरूलिया जिले का रहने वाला है। उन पर असमिया भाषा के प्रसिद्ध कवि, नाटककार तथा हिन्दू समाजसुधारक श्रीमन्त शंकरदेव का अपमान करने का आरोप है। 

असम के दारंग जिले की पुलिस ने बराल को हावड़ा से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गत 25 से 29 सितम्बर तक असम के सुपाझार पुलिस थाना अन्तर्गत बेरूवा गांव में पंताजलि योग पीठ की ओर से बराल के नेतृत्व में योग शिविर का आयोजन हुआ था। योग शिविर ने बराल ने असम संस्कृति के घरोहर कवि पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

गौरतलब है कि 19 सितंबर को शंकरदेव का जन्मदिवस मनाया जाता है। इस दिन असम के लोग उनमें अपनी आस्था प्रकट करने के लिए दिए जलाते हैं। इस बार भी संत शंकरदेव के 570वें जन्मदिवस पर दीप प्रज्जवलित किए गए। इसी पर कटाक्ष करते हुए नाथ ने दर्रांग जिले के एक योगशिविर में बीती 30 सितंबर को कहा था कि शंकरदेव कोई गुरू या महापुरुष नहीं थे और जिन लोगों ने ये दिए जलाए हैं वे बेवकूफ हैं।

इसके बाद राज्य में तनाव पैदा हो गया। शंकरदेव के अनुयायियों ने जुलूस निकालने शुरू कर दिए। असम के लखीमपुर जिले में बाबा रामदेव के पुतले फूंके गए। इसके बाद नाथ के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की गईं, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बवाल बढ़ता देख नाथ की पतंजलि योगपीठ में सेवाएं समाप्त कर दी गईं।