पोलैंड पुलिस में सीमा गार्ड और दमकल सेवाओं से सेवानिवृत्त होने वाले श्वानों और घोड़ों को सामाजिक सुरक्षा देने की पहल की गई है। यहां अब देश सेवा करने वाले श्वानों और घोड़ों को पेंशन दी जाएगी। इससे पहले ऐसे जानवरों को सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से गोद दिया जाता था। गृह मंत्रालय ने एक कानून का प्रस्ताव दिया है कि जो इन जानवरों को आधिकारिक दर्जा देगा। इसके तहत इन जानवरों के रिटायर होने के बाद उनके नए मालिकों को महंगे बिलों को कवर करने में काफी मदद मिलेगी।

गृहमंत्री मॉरिस कमिंस्की ने मसौदा कानून को एक नैतिक दायित्व के रूप में वर्णित करते हुए बताया कि ये जानवर लोगों को बचाने के लिए और कई आपराधिक मामलों को सुलझाने में मदद करते हैं। ऐसे में जब उनकी सेवानिवृत्ति का वक्त आता है तो उनकी सरकारी देखभाल खत्म हो जाती है और उन्हें भविष्य के कल्याण के लिए कोई सुरक्षा उपाय भी नहीं मिलते हैं। इससे रिटायर जानवरों के नए मालिकों को काफी दिक्कत होती है।

माना जा रहा है कि मॉरिस कमिंस्की ने प्रस्तावित कानून के मसौदे को नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर संसद से आम सहमति मिल सकती है। इस विधेयक को साल के अंत में संसद में पेश होना है। इस नए कानून से 1,200 श्वानों और 60 घोड़ों को लाभ मिलेगा। गौरतलब है कि पोलैंड में हर साल 10 फीसदी जानवर सेवानिवृत्त होते हैं।