एक शख्स 17 साल से गाड़ी सीखने का प्रयास कर रहा है लेकिन वो 192 बार ड्राइविंग टेस्ट में फेल हो चुका है जो एक रिकॉर्ड है। यह शख्स पोलैंड का है जिसकी उम्र 50 साल है। यह शख्स पिछले 17 सालों से ड्राइविंग का थ्योरी टेस्ट पास करने की कोशिश कर रहा है सफल नहीं हो पा रहा है। ये शख्स पिछले 17 सालों में 192 बार ये टेस्ट दे चुका है जो कि इस देश में एक रिकॉर्ड है। पिछले दो दशकों से प्रयास कर रहा ये शख्स अब तक 1 लाख से अधिक फीस का भुगतान भी कर चुका है।

पोलैंड में ड्राइवर लाइसेंस को हासिल करने के लिए किसी भी व्यक्ति को पहले एक थ्योरी परीक्षा को पास करना होता है और उसके बाद उसे एक प्रैक्टिकल पेपर भी देना होता है। खास बात ये है कि कोई भी एडल्ट कितनी भी बार इस परीक्षा को दे सकता है। इस परीक्षा का पास रेट थ्योरी रेट के लिए अक्सर 50 से 60 प्रतिशत होता है वही प्रैक्टिकल के लिए ये संख्या 40 प्रतिशत है।

पोलैंड में अक्सर लोग दूसरे या तीसरे प्रयास में इस परीक्षा को पास कर लेते हैं। इससे पहले इस शहर में एक शख्स ने ड्राइविंग टेस्ट को पास करने के लिए 40 बार कोशिश की थी। इसके अलावा पोलैंड के शहर ओपोल में भी एक शख्स ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए 113 बार कोशिश कर चुका है।

इस केस के सामने आने के बाद प्रशासन इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या किसी व्यक्ति को ड्राइविंग टेस्ट पास करने के लिए असीमित मौके दिए जाने चाहिए? टीवीपी से बातचीत में स्टेनीस्लॉ नाम के ड्राइविंग इंस्ट्रक्टर ने कहा कि मुझे लगता है कि पोलैंड में 20 या 30 बार से अधिक मौके नहीं दिए जाने चाहिए। मेरे हिसाब से किसी भी इंसान के लिए इतने मौके काफी होते हैं ये साबित करने के लिए कि वो ड्राइविंग को लेकर गंभीर है या नहीं। अगर कोई शख्स ड्राइविंग के नियमों को लेकर ध्यान नहीं देता है और ड्राइविंग परीक्षा पास नहीं कर पाता है तो उसे सड़कों पर नहीं होना चाहिए क्योंकि वो दूसरे लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

इससे पहले ब्रिटिश मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि 42 साल के एक शख्स ने 158 बार कोशिश करने के बाद आखिरकार ड्राइविंग से जुड़ा अपना थ्योरी टेस्ट पास कर लिया था। हालांकि पोलैंड के शख्स को अब भी दक्षिण कोरिया की एक महिला से कड़ी चुनौती मिल रही है। साल 2009 में ये महिला सुर्खियों में आई थी जब उसने ड्राइविंग टेस्ट को पास करने के लिए हैरतअंगेज तौर पर 950 बार प्रयास किए थे लेकिन इसके बाद भी वो पास नहीं हो पाई थी।