देश में कोराना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखकर पीएमओ ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है। देश के कुछ राज्यों में कोरोना मामले एकदम से बढ़ने लगे हैं जिसको देखते हुए पीएमओ ने यह मीटिंग बुलाई है।

हेल्थ मिनिस्ट्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वैसे तो देश में कोरोना के एक्टिव मामले 1 लाख, 50 हजार से नीचे बने हुए हैं लेकिन कुछ राज्यों जैसे केरल, महाराष्ट्र और पंजाब में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जो चिंता का विषय है। इन प्रदेशों में प्रतिदिन कोरोना मामले बढ़ते जा रहे हैं। अकेले केरल में ही देश के 38 प्रतिशत एक्टिव कोरोना मामले हैं जबकि महाराष्ट्र में 37 प्रतिशत एक्टिव मामले हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक देश में 21 करोड़ से अधिक कोरोना टेस्ट हो चुके हैं। पूरे देश में कोरोना के ओवरआल एक्टिव केसेज नियंत्रण में हैं सिर्फ कुछ प्रदेशों में कोरोना के मामले अचानक से बढ़ने लगे हैं। अभी प्रतिदिन मरने वालों की संख्या सौ से कम है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक 1,17,54,788 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ''यूके की वैरियंट आने के बाद हमने लैब का कंसोर्टियम बनाया है, जिससे किसी भी नई वैरायटी की ट्रेकिंग हो रही है। अभी लोगों में अलग-अलग वैरियंट को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है। देश में अभी 187 यूके वैरियंट, 6 साउथ अफ्रीका वैरियंट हैं। 1 ब्राजील वैरियंट मरीज हैं।

देश में चल रहे वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि दो तरह के वैक्सीनेशन हो रहे हैं, फ्रंटलाइन वर्कर्स और हेल्थ केयर वर्कर्स, जिसमें 10,000 से अधिक अस्पतालों का इस्तेमाल हो रहा है, जिसमें 2,000 प्राइवेट अस्पताल हैं। आने वाले दिनों में भी बड़ी संख्या में प्राइवेट सेक्टर का उपयोग करेंगे, ताकि वैक्सीनेशन की गति को बढ़ाया जा सके।

निजी क्षेत्र की देश के स्वास्थ्य में भूमिका को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे बताया कि निजी क्षेत्र सरकार के बहुत सारे कार्यक्रमों में गहरी भूमिका निभाता रहा है, भारत सरकार के आयुष्मान भारत सीजीएचएस से लेकर तमाम योजनाओं में निजी क्षेत्र की अच्छी-खासी भागीदारी रही है। पिछले 2 साल से आयुष्मान भारत में इंवॉल्वमेंट है, सीजीएचएस में भी 800 से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से भी प्राइवेट अस्पताल जुड़े हुए हैं।