भाजपा का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों (3 Farm Laws) को वापस लेने की घोषणा से आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी को मदद मिलेगी। 2024 (Election in 2024) में अगले आम चुनाव में पश्चिमी यूपी, हरियाणा और राजस्थान में करीब 40 लोकसभा सीटों पर भी भाजपा को इस फैसले से राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद लगाए है। भगवा खेमे को भी लगता है कि इस फैसले से पार्टी को पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) की नई पार्टी के साथ गठबंधन करने में मदद मिलेगी।

राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा, ऐसा लगता है कि कुछ किसान अभी भी हमारे ईमानदार प्रयासों से आश्वस्त नहीं हैं। हमने तीन कृषि कानूनों (3 Farm Laws) को निरस्त करने का फैसला किया है। इन कानूनों को रद्द करने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद सत्र के दौरान पूरी की जाएगा, जो इस महीने के अंत में शुरू होगा। पिछले साल नवंबर से, विभिन्न राज्यों विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के किसान राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन (Farmers Protest) कर रहे हैं और नए कृषि कानूनों को रद्द करने और अपनी उपज पर एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) गाजीपुर सीमा पर किसानों के विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं, जो टिकरी और सिंघू सीमा के साथ चल रहे आंदोलन का एक केंद्र है, जहां पंजाब में किसान संघों के नेता लगभग एक साल से राजमार्गों को अवरुद्ध कर रहे हैं। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस फैसले से न केवल आंदोलन समाप्त होगा बल्कि पार्टी को किसानों तक यह संदेश पहुंचाने में मदद मिलेगी कि सरकार उनके बारे में चिंतित है।उन्होंने कहा, कुछ मांगों के बीच, नए कानूनों को निरस्त करने की एक मांग को आखिरकार स्वीकार कर लिया गया है और अब हम उम्मीद करते हैं कि किसान अपना आंदोलन खत्म कर अपने गांवों को वापस लौट जाएं। प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का संदेश बहुत स्पष्ट है कि सरकार इसे वापस लेने के लिए तैयार है, हम किसानों के हित के लिए खड़े हैं, किसान कल्याण इस सरकार की प्राथमिकता है।

भगवा पार्टी के नेताओं को लगता है कि अब पंजाब में उसके नेताओं को राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेने के दौरान हिंसक विरोध और हमले का सामना नहीं करना पड़ेगा। पंजाब में अपनी किस्मत को फिर से जिंदा करने की उम्मीद कर रही भाजपा को पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Former Chief Minister Amarinder Singh) के साथ चुनाव लडऩे की उम्मीद हैै। वर्तमान में, भाजपा अपने सबसे पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) (शिअद) के तीन कृषि कानूनों पर गठबंधन तोडऩे के बाद पंजाब चुनाव लडऩे के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने से अमरिंदर सिंह की पार्टी के साथ गठबंधन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

इससे पहले, सिंह ने कहा था, अगर किसानों के हित में किसानों का विरोध हल हो जाता है तो उम्मीद है कि 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों में भाजपा के साथ सीट व्यवस्था की जाएगी। पार्टी को यह भी लगता है कि कानूनों को निरस्त करने के फैसले से जाटों को भी वापस लाया जाएगा, जिन्होंने किसानों के आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया था।