प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को अफगानिस्तान के हालिया घटनाक्रम के साथ-साथ द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा, अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम पर अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन के साथ विस्तृत और उपयोगी विचारों का आदान-प्रदान किया। हमने द्विपक्षीय एजेंडे के मुद्दों पर भी चर्चा की, जिसमें कोविड-19 के खिलाफ भारत-रूस सहयोग शामिल है। हम महत्वपूर्ण मुद्दों पर करीबी परामर्श जारी रखने पर सहमत हुए।

रूस के राष्ट्रपति के साथ 45 मिनट तक चली चर्चा में मोदी ने द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की। चर्चा का महत्व इसलिए है, क्योंकि यह बातचीत अफगानिस्तान में तेजी से बदलती स्थिति के बीच हुई है, जहां तालिबान ने लगभग पूरे देश का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। भारत ने काबुल से अपने राजनयिक मिशन को खाली कर दिया है और रूस ने अपने राजनयिकों को काबुल में रखा है और वह संभवत: तालिबान के साथ संचार चैनल खोलना चाहता है।

अफगानिस्तान में तालिबान शासन की मान्यता पर, भारत ने कहा है कि वह इंतजार करेगा और देखेगा कि चरमपंथी समूह खुद को कैसे संचालित करता है और अन्य लोकतांत्रिक राष्ट्र इसके बारे में क्या कदम उठाते हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से भी बात की थी और अफगानिस्तान सहित द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी। अफगानिस्तान में बढ़ती सुरक्षा चिंता और क्षेत्र तथा दुनिया पर इसके प्रभावों पर चर्चा करते हुए, उन्होंने शांति और सुरक्षा बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया, जिसमें सबसे जरूरी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों की वापसी है। मोदी ने सोमवार को ट्वीट करते हुए कहा था, आज शाम चांसलर मर्केल से बात की और अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रम सहित द्विपक्षीय, बहुपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दोहराया।