प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Pm Narendra Modi) ने आज सुबह यहां वेटिकन सिटी (Vatican City) पहुंच कर ईसाइयों के सर्वाेच्च धर्मगुरू पोप फ्रांसिस (Pope Francis) से बहुत गर्मजोशी से मुलाकात की और उन्हें भारत की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। मोदी स्थानीय समयानुसार करीब साढ़े आठ बजे वेटिकन के प्रांगण में पहुंचे, जहां वेटिकन के वरिष्ठ अधिकारियों से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 

मोदी के साथ आये प्रतिनिधिमंडल विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) भी शामिल थे। बाद में मोदी ने जब पोप से मुलाकात की तो पोप ने उन्हें गले लगा लिया। दोनों के चेहरों में गहरी आत्मीयता, परस्पर सम्मान और प्रेम की भावना झलक रही थी। मोदी सबसे पहले पोप से एकांत में मिले और फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक में शामिल हुए। परंपरा के अनुसार पोप (Pope Francis) के साथ बैठक का कोई पूर्व निर्धारित एजेंडा तय नहीं होता है। बैठक के बाद मोदी ने कहा कि पोप फ्रांसिस (Pope Francis) के साथ बहुत ही अच्छी मुलाकात रही। उन्होंने अनेकानेक मुद्दों पर बात की और उन्हें भारत आने को निमंत्रित किया। सूत्रों ने बताया कि यह बैठक करीब 20 मिनट के लिए तय थी लेकिन यह करीब एक घंटे तक चली। प्रधानमंत्री एवं पोप (Pm Narendra Modi Meets Pope Francis) के बीच सामान्य वैश्विक परिदृश्य एवं मुद्दों तथा अन्य तमाम विषयों पर अच्छी चर्चा हुई। जलवायु परिवर्तन एवं गरीबी उन्मूलन जैसे ऐसे मुद्दों पर बातचीत हुई जिससे विश्व बेहतर बनता है। 

सूत्रों के अनुसार कोविड महामारी एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों तथा शांति एवं स्थिरता बरकरार रखने के लिए विश्व के विभिन्न देशों के मिलजुल कर काम करने के तरीके पर भी बातचीत हुई। सूत्रों ने बताया कि मोदी ने पोप को भारत आने का निमंत्रण दिया। इससे पहले 1999 में पोप जॉन पॉल द्वितीय भारत आये थे। मोदी सर्वोच्च धर्मगुरू से मिलने वाले पांचवे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू (Pandit jawaharlal nehru), इंदिरा गांधी, इंद्र कुमार गुजराल और अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) पोप से मिल चुके हैं। 1999 में वाजपेयी ने पोप जॉन पॉल द्वितीय से मुलाकात की थी। पोप का वर्ष 2016-17 में भारत एवं बंगलादेश की यात्रा का कार्यक्रम था लेकिन किन्हीं कारणों से उनकी यात्रा नहीं हो पायी थी।