प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मुख्यमंत्रियों संग बैठक में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्रेन सर्विस बहाल करने का विरोध किया है। कोरोना वायरस और लॉकडाउन को लेकर लेकर पीएम मोदी की मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा हो रही है। लेकिन इसी बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनसे उलझ रही है। सवालों पर चर्चा के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 5वीं बार बातचीत की है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए
इसको लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की है। हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्रेन सर्विस को बहाल किए जाने का विरोध किया है। हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि ममता ने स्पेशल ट्रेनों को चलाए जाने पर ऐतराज जताया है। बहुत मुमकिन है कि पीएम के साथ मीटिंग में भी यह मुद्दा उठे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ यह बैठक 2 चरणों में है। दूसरी बैठक 6 बजे से हो रही है। जाहिर है, यह मंथन लंबा चलेगा यानी 3-4 घंटे तक मैराथन बैठक हो सकती है।
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, कोरोना को काबू में करने, धीरे-धीरे सहूलियत देने संबंधी कई मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए यह मीटिंग कई घंटों तक चल सकती है। इस मीटिंग के बाद यह तकरीबन तय हो जाएगा कि लॉकडाउन बढ़ेगा या नहीं? अगर बढ़ेगा तो किस रूप में बढ़ेगा और नहीं बढ़ेगा तो वैकल्पिक रणनीति क्या होगी।
एक दिन पहले रविवार को केंद्र ने राज्यों से कहा था कि कंटेनमेंट जोन्स का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। इससे अंदाजा लग रहा है कि अगर देशव्यापी लॉकडाउन हटाया भी गया तो कंटेनमेंट जोन्स में शायद ही कोई छूट मिले। पिछले हफ्ते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कहा था कि अब लोगों को कोरोना वायरस के साथ जीना सीखना होगा। इससे भी यही अंदाजा लग रहा है कि देशव्यापी लॉकडाउन को नहीं बढ़ाया जाएगा।

पिछली मीटिंग में कुछ मुख्यमंत्रियों को बोलने का मौका नहीं दिया गया था इस बात का पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने इस बात पर विरोध भी जताया था। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मीटिंग में हर मुख्यमंत्री को बोलने का मौका दिया जाएगा। प्रधानमंत्री राज्यों के मुखिया से इस बात पर फीडबैक लेंगे कि 4 मई के बाद लॉकडाउन में दी गई आंशिक छूट का क्या असर हुआ है।