प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को केरल में सत्तारूढ़ माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नीत वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) पर हमला करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन दोनों के बीच फिक्स्ड मैच समाप्त करना चाहती है। 

मोदी ने कहा कि दोनों मोर्चे बारी-बारी से पांच-पांच वर्ष तक राज्य को लूटते रहे हैं। प्रधानमंत्री ने केरल विधानसभा के छह अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए राज्य में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सत्ता इन दोनों मोर्चों के हाथों में ही सत्ता अदल-बदल हो रही है। अब समय आ गया है कि एलडीएफ और यूडीएफ के बीच दोस्ताना मैच समाप्त कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों खासकर युवाओं की यही इच्छा है। भ्रष्टाचार के अलावा दोनों मोर्चें सुविधा की राजनीति करते रहे हैं। एलडीएफ और यूडीएफ ने केरल के सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ भी काम किया है। 

मोदी ने कहा कि एलडीएफ ने सबरीमाला के श्रद्धालुओं को धोखा दिया और यूडीएफ मूकदर्शक बना रहा।  मोदी ने कहा कि एलडीएफ ने वैसे ही सोने के कुछ टुकड़ों के लिए लोगों को धोखा दिया जैसे धोखेबाजों ने प्रभु ईसा मसीह के साथ विश्वासघात किया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ चुनावों के समय एक दूसरे की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि ई श्रीधरन जैसी जानी-मानी हस्तियों का उपस्थित होना गौरव की बात है। इससे पहले मोदी कोयम्बटूर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे और यहां करीब साढ़े आठ बजे हेलीकाप्टर से आये। इसके बाद उनका काफिला फोर्ट मैदान पहुंचा। रास्ते में उनके बड़े-बड़े कट-आउट और भाजपा के झंडे लगाये गये थे।