प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि देश पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों के साथ सामाजिक न्याय को तेजी से आगे बढ़ाने के साथ साथ खरबों डॉलर के निवेश से दुनिया में एक बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की ओर अग्रसर है और आने वाले कई दशकों तक विश्व की प्रगति को रफ्तार देगा। मोदी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश इस समय नवनिर्माण के आत्मविश्वास से सराबोर है। आज की सुबह हर्ष-उल्लास, श्रद्धा और संकल्प की नई रोशनी लेकर आई है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर से आने वाले वाली खबरें देश को प्रेरणा दे रहीं हैं। उन्होंने कहा, एक समय था जब पूर्वोत्तर को लगता था कि दिल्ली बहुत दूर है, आज हमने दिल्ली को पूर्वोत्तर के दरवाजे पर लाकर खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर भारत को जैविक खेती का हब बनाया जा रहा है। वहां के युवकों को बीपीओ सेंटरों से रोजगार मिल रहा है। उन्होंने कहा कि देश में वामपंथी उग्रवाद भी 126 जिलों से सिकुड़ कर 90 जिलों में सीमित रह गया है। उन्होंने कहा कि संसद का बीता सत्र सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। दलित शोषित पीडि़त को न्याय दिलाना सरकार का ध्येय है। सरकार का लक्ष्य है कि गरीबों को न्याय मिले, हर किसी को उसकी इच्छा और आकांक्षाओं के हिसाब से आगे बढऩे का अवसर मिले। आर्थिक सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाल में कुछ खबरों ने देश में नयी चेतना, ऊर्जा का संचार किया है। भारत विश्व की छठी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। वैश्वीकरण के युग में पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। 

उन्होंने महान तमिल कवि, दीर्घ²ष्टा और आशावादी सुब्रह्मण्यम भारती को उद्धृत करते हुए कहा कि भारत न सिर्फ एक महान राष्ट्र के रूप में उभरेगा बल्कि दूसरों को भी प्रेरणा देगा। उन्होंने कहा था भारत पूरी दुनिया को हर तरह के बंधनों से मुक्ति पाने का रास्ता दिखाएगा। उन्होंने कहा,  2014 से पहले दुनिया की प्रतिष्ठित संस्थाएं और अर्थशास्त्री कभी भारत के लिए क्या कहा करते थे, वो भी एक जमाना था जब लोग कहते थे कि हिंदुस्तानी की अर्थव्यवस्था जोखिम से भरी है। वही लोग आज हमारे सुधारों की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश पांच शीर्ष जोखिम भरी अर्थव्यवस्था के चंगुल से निकल कर खरबों डॉलर के निवेश का केन्द्र बन चुका है। दुनिया के मंचों पर भारत की आवाज सुनी जाती है। सभी महत्वपूर्ण मंचों का भारत सदस्य है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ कह रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले कम से कम तीन दशकों तक विश्व की आर्थिक प्रगति को गति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, आज भारत के पासपोर्ट की ताकत बढ़ गई है, विश्व में कहीं भी अगर कोई भारतवासी संकट में है, तो आज उसे भरोसा है कि मेरा देश मेरे पीछे खड़ा रहेगा।

प्रधानमंत्री ने सशस्त्र सेनाओं में शार्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें भी पुरूष अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सेना, नौसेना और वायु सेना में शार्ट सर्विस कमीशन महिला अधिकारियों को भी पारदर्शी चयन प्रक्रिया के अनुसार पुरूष समकक्ष अधिकारियों की तरह स्थायी कमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा, देश की लाखों बेटियां यूनिफार्म पहनकर जीवन जी रही हैं और वे देश के लिए कुछ करना चाहती हैं। जम्मू कश्मीर को लेकर मोदी ने कहा, जम्मू कश्मीर के लिए अटल जी का आह्वान था- इंसानियत, कश्मीरियत, जम्हूरियत। मैंने भी कहा है, जम्मू- कश्मीर की हर समस्या का समाधान गले लगाकर ही किया जा सकता है। हमारी सरकार जम्मू-कश्मीर के सभी क्षेत्रों और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू कश्मीर में लोकतांत्रिक इकाइयों को और मजबूत करने के लिए लंबे समय से टल रहे पंचायत और निकाय चुनाव भी जल्द कराये जाने की तैयारी चल रही है। 

उन्होंने कहा, हम गोली और गाली के रास्ते पर नहीं पर गले लगा के आगे बढऩा चाहते हैं। आने वाले कुछ ही महीनों में कश्मीर में गांव के लोगों को अपना हक जताने का अवसर मिलेगा और पंचायत चुनाव होंगे। मोदी ने कहा कि भारत को कुपोषण, बीमारियों से मुक्त करके, देश के संसाधानों एवं क्षमताओं का भरपूर उपयोग करके विकसित देशों से आगे ले जाने के लिए उनमें बहुत बेसब्री और बेचैनी है। उन्होंने कहा कि हमारा सपना है कि हर भारतीय के पास अपना घर हो, हर भारतीय के घर में बिजली कनेक्शन हो, हर भारतीय की रसोई धुआं मुक्त हो, हर भारतीय के घर में जरूरत के मुताबिक जल पहुंचे, हर भारतीय इंटरनेट की दुनिया से जुड़ सके, हर भारतीय के घर में शौचालय हो, हर भारतीय अपने मनचाहे क्षेत्र में कुशलता हासिल कर सके, हर भारतीय को अच्छी और सस्ती स्वास्थ्य सेवा सुलभ हो, हर भारतीय को बीमा का सुरक्षा कवच मिले। संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने देश की आ•ाादी की लड़ाई में बलिदान देने वालों की श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा, अगले वर्ष बैसाखी पर जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष होने जा रहे हैं। मैं इस नरसंहार में शहीद हुए हर देशवासी को याद करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। उन्होंने देश के सुरक्षा बलों को भी सलामी देते हुए कहा, तिरंगे की शान के लिए देश की सेना के जवान अपने प्राणों की आहुति दे देते हैं। मैं सभी सेना के जवानों को, अर्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों को उनकी महान सेवा के लिए लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में सवा सौ करोड़ देशवासी सिर्फ सरकार बनाकर नहीं रुके। वे देश बनाने में जुटे हैं। उन्होंने कहा,  2013 में जिस रफ्तार से हमारा देश चल रहा था उसे आधार मानें और जो पिछले चार सालों में काम हुए हैं, उन कामों का लेखा-जोखा लें तो आपको अचरज होगा कि देश की रफ्तार क्या है, गति क्या है और प्रगति कैसे आगे बढ़ रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के कदमों का जिक्र करते उन्होंने कहा कि छह करोड़ लोग ऐसे थे, जो पैदा ही नहीं हुए और उनके नाम पर सरकारी योजनाओं का लाभ जा रहा था। उन्होंने कहा कि जब हौसले बुलंद होते हैं, देश के लिए कुछ करने का इरादा होता है तो बेनामी संपत्ति का कानून भी लागू होता है। कर प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की गयी है। आज देश ईमानदारी का उत्सव मना रहा है। 

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की मुहिम रुकेगी नहीं बल्कि तेज होगी और कालाधन रखने वाले लोगों को माफ नहीं किया जाएगा। मोदी ने कहा, हम भ्रष्ट और कालाधन रखने वालों को माफ नहीं करेंगे। उन्होंने राष्ट्र को तबाह किया है।Þ उन्होंने कहा कि दिल्ली की गलियां भ्रष्टाचार से मुक्त हो गयी है। आज के भारत में भाई भतीजावाद के लिये कोई जगह नहीं है। सरकार में सत्ता की बिचौलियों की नहीं बल्कि गरीबों की आवाज सुनी जाती है। उन्होंने कहा, हम मक्खन पर लकीर नहीं, पत्थर पर लकीर खींचने वाले हैं। ...हम कड़े फैसले लेने का सामथ्र्य रखते हैं क्योंकि देशहित हमारे लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि देश की अपेक्षाएं और आवश्यकताएं बहुत हैं, उसे पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को निरंतर प्रयास करना है। पिछले सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि जिस रफ्तार से 2013 में गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर पहुंचाने का काम चल रहा था, उस रफ्तार से देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर से जोडऩे में कई पीढिय़ां गुजर जातीं। जिस रफ्तार से गैस कनेक्शन दिया जा रहा था, अगर वही रफ्तार होती तो देश के हर घर में सालों तक भी गैस कनेक्शन नहीं पहुंच पाता। 

उन्होंने कहा कि 13 करोड़ मुद्रा ऋण, उसमें भी 4 करोड़ लोगों ने पहली बार ऋण लिया है, ये अपने आप में बदले हुए हिन्दुस्तान की गवाही देता है। प्रधानमंत्री ने देश को खुशखबरी देते हुए कहा, वर्ष 2022, यानी आजादी के 75वें वर्ष में और संभव हुआ तो उससे पहले ही, भारत अंतरिक्ष में तिरंगा लेकर जा रहा है। उन्होंंने कहा कि भारत अंतरिक्ष में अपना स्वदेशी गगन यान भेजेगा जिसमें भारत का कोई बेटी या बेटा सवार होगा। इसके साथ ही भारत यह कामयाबी हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जायेगा। गरीबों के लिए स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने वाली योजना आयुष्मान का उल्लेख करते हुए उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर से देशभर में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत दस करोड़ परिवारों को को पांच लाख रुपए प्रतिवर्ष का स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा दिया जाएगा। इससे पचास करोड लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि देश में आज अनाज का रिकॉर्ड उत्पादन, मोबाइल फोन की रिकॉर्ड मैन्युफैक्चरिंग और ट्रैक्टरों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है, साथ ही देश में आ•ाादी के बाद सबसे ज्यादा हवाई जहाज खरीदने का भी काम हो रहा है। 

उन्होंने कहा, हमारा पूरा ध्यान कृषि क्षेत्र में बदलाव और आधुनिकता लाने का है। ...किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए वर्षों से फाइलें और चर्चा चलती थी, हमने फैसला लिया कि देश के किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर योजनाओं से किसी को पुण्य मिलता है तो सरकार को नहीं बल्कि ईमानदार करदाताओं को मिलता है।