बिहार विधानसभा चुनाव भाजपा-कांग्रेस के साथ ही अन्य क्षेत्रिय पार्टियों के लिए साख का सवाल बना हुआ है। इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज छपरा में रैली की। रैली में पीएम मोदी के निशाने पर राहुल गांधी-तेजस्‍वी यादव रहे। उन्‍होंने दोनों को डबल-डबल युवराज बोल डाला। मोदी ने 2017 में उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठजोड़ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार में भी इन युवराजों का वही हाल होगा। पीएम ने कहा, यूपी की जनता ने उस युवराज (राहुल) को घर भेज दिया था तो उन्‍होंने अब जंगलराज वाले युवराज (तेजस्‍वी) से हाथ मिला लिया है। मोदी ने कहा कि डबल युवराज अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं।

पीएम ने कहा, आज बिहार में एक तरफ डबल इंजन की सरकार है तो दूसरी तरफ डबल युवराज हैं। डबल इंजन वाली एनडीए सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है तो ये डबल युवराज अपने सिंहासन को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। आपने देखा होगा जब तीन-चार साल पहले यूपी में युवराज बस पर चढकऱ काली जैकेट पहनकर हाथ हिला रहे थे। यूपी की जनता ने उस युवराज को घर भेज दिया था तो उन्होंने जंगलराज वाले युवराज से हाथ मिला लिया है। अब वो दोनों यहां हाथ हिला रहे हैं। जो यूपी में डबल डबल युवराज का हुआ वही हाल बिहार में डबल डबल युवराज का होगा। ये डबल डबल युवराज बिहार के लिए नहीं सोच सकते हैं। एनडीए सरकार चाहे केंद्र में हो या बिहार में जितनी बड़ी चुनौती रही है उतने बड़े प्रयास हुए हैं। बात चाहे जीवन बचाने की हो एनडीए सरकार एक-एक नागरिक के साथ खड़ी रही है। 

बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए छपरा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले चरण की वोटिंग के बाद साफ नजर आ रहा है कि नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए की सरकार बनने जा रही है। भाजपा के लिए और एनडीए के लिए आपका ये प्रेम अच्छा नहीं लग रहा है। उनको रात में नींद नहीं आ रही है। कभी कभी तो अपने कार्यकर्ताओं को ही पकडकऱ फेंक रहे हैं। उनकी हताशा, निराशा और गुस्सा बिहार की जनता देख रही है। चेहरे पर से हंसी गायब हो गई है। अभी इतने बौखला गए हैं कि उन्होंने अब मोदी को भी गाली देना शुरू कर दिया है। ठीक है मुझे गाली दे दीजिए, जो मन आए बोलिए लेकिन अपना गुस्सा बिहार के लोगों पर मत उतारिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के लोगों को उनकी भावनाओं को ये लोग कभी समझ नहीं सकते। ये लोग अपने परिवार के लिए पैदा हुए हैं, अपने परिवार के लिए जी रहे हैं और अपने परिवार के लिए ही जूझ रहे हैं। ना उनको बिहार से लेना देना है, ना बिहार की युवा पीढ़ी के सपनों से लेनादेना है। जिसकी नजर हमेशा गरीब के पैसों पर हो, उसे कभी गरीब का दुख उनकी तकलीफ कभी दिखाई नहीं देगी।