भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्मल ट्रैफिक को बाधित किए बिना बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को रिसीव करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली एयरपोर्ट गए। इसके लिए मोदी का काफिला लोक कल्याण मार्ग से दिल्ली एयरपोर्ट गया। 

बता दें कि इस दौरान उस रूट पर किसी भी तरह के प्रतिबंध नहीं लगाए गए। एयरपोर्ट पहुंचकर मोदी ने शेख हसीना की अगवानी की। आम तौर पर प्रधानमंत्री जब अपने काफिले के साथ बाहर निकलते हैं तो उनकी सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है। जिस रूट से उन्हें गुजरना होता है वहां 10 मिनट पहले ट्रैफिक को रोक दिया जाता है।

बता दें कि जब प्रधानमंत्री का काफिला चलता है तो सबसे आगे सायरन बजाती एक गाड़ी होती है जो दिल्ली पुलिस के सिक्यॉरिटी स्टाफ की होती है। उसके बाद एसपीजी की गाड़ी। उसके बाद दो और गाड़ियां। फिर लेफ्ट और राइट साइड में दो गाड़ियां, उनके बीच में प्रधानमंत्री की कार। उसके ठीक पीछे फिर लेफ्ट और राइट साइड में दो गाड़ियां। उसके बाद दो गाड़ियां और उसके पीछे जैमर से लैस गाड़ी। इसके ऊपर बहुत-से ऐंटेना फिट रहते हैं। ये सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर की दूरी पर रखे विस्फोटकों को डिफ्यूज कर सकते हैं।

उसके बाद नंबर आता है ऐम्बुलेंस का। उसके बाद दो कारें और रहती हैं। सब गाड़ियों में एनएसजी के अचूक निशाने वाले कमांडो होते हैं। यानी सिक्यॉरिटी देखने के लिए प्रधानमंत्री के साथ करीब 100 लोगों की टीम चल रही होती है। जब पीएम पैदल चलते हैं, तो भी उनके आस-पास और आगे-पीछे वर्दी और सादे कपड़ों में एनएसजी के कमांडो चलते हैं।

लेकिन जब भारतीय प्रधानमंत्री शेख हसीना को रिसीव करने गए तो उनकी सुरक्षा में इतना तामझाम नहीं था। बताया जाता है कि इसके पहले अबू धाबी के शहजादे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान जब भारत दौरे पर आए थे, उस वक्त भी प्रधानमंत्री ट्रैफिक को बाधित किए बिना उन्हें रिसीव करने गए थे।