प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को डिजिटल तरीके से वडनगर रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का उद्घाटन करेंगे। जानकारी के मुताबिक वडनगर शहर ‘धरोहर सर्किट’ में आता है, इसलिए रेलवे स्टेशन की इमारत को 8.5 करोड़ रुपए की लागत से हेरिटेज लुक दिया गया है। गौरतलब है कि वडनगर स्टेशन के अंदर पीएम मोदी के पिता दामोदरदास मोदी की चाय की दुकान थी। बचपन में मोदी अपने पिता की मदद करते थे।

वडनगर इस खंड पर एक प्रमुख स्टेशन है, जो एक ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण शहर का हिस्सा है। इसे वडनगर-मोढेरा-पाटन हेरिटेज सर्किट के तहत बनाया गया है। वडनगर स्टेशन की इमारत में पत्थर की नक्काशी की गई है और पूरे एरिया को बेहतर डिजाइन किया गया है। प्रवेश और निकास द्वार को वास्तुशिल्प रूप से डिजाइन किया गया है। उद्घाटन के साथ ही 16 जुलाई से वडनगर अब रेलवे के ब्रॉड गेज लाइन के माध्यम से शेष भारत से जुड़ जाएगा। अब देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले इस खंड पर यात्री और मालगाड़ियों को बिना किसी रुकावट के चलाया जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान होने के अलावा, वडनगर एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक केंद्र है। जिसमें प्रसिद्ध शर्मिष्ठा झील और एक बावड़ी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने एक खुदाई के दौरान एक बौद्ध मठ के अवशेषों की खोज की थी। चीनी यात्री ह्रेन त्सांग ने भी भारत में अपनी यात्रा के दौरान वडनगर का दौरा किया।