प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में भाजपा के 70 साल से अधिक उम्र वाले कई वरिष्ठ नेताओं से फोन पर बातचीत की और उनका हाल जाना है। इन नेताओं में कई पूर्व विधायक, विधानपार्षद, प्रोफेसर और संघ से जुड़ी हस्तियां हैं। प्रधानमंत्री की तरफ से बिहार के अलग-अलग जिलों में रह रहे नेताओं के पास मोबाइल पर कॉल गए। इन सभी नेताओं ने पीएम को कहा कि 'आपके नेतृत्व पर देश को भरोसा है और इसी भरोसे के चलते कोरोना से जंग भी जीती जाएगी।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार की सुबह करीब पौने नौ बजे भभुआ के पूर्व विधायक चंद्रमौली मिश्रा से फोन पर बातचीत की। पीएम ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा और उनकी लंबी उम्र की कामना भी की। प्रधानमंत्री से चंद्रमौली मिश्र ने कहा कि वह स्वस्थ हैं और लॉकडाउन का पालन करते हुए घर में ही रह रहे हैं। आपको बता दें कि 1962 में चंद्रमौली जनसंघ से जुड़े थे और 1969 में जनसंघ के टिकट पर भभुआ के विधायक चुने गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA शासन में बिहार सरकार में मंत्री रहीं सुखदा पांडेय से भी फोन पर बात की और उनका हाल जाना। सुखदा पांडेय ने कोरोना संकट के इस दौर में पीएम के साथ खड़े रहने की बात की। आपको बता दें कि सुखदा पांडेय मगध महिला कॉलेज, पटना विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थी और उसी कॉलेज की 5 साल तक प्रचार्य भी रहीं। सुखदा ने 1974 में जेपी आंदोलन से अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत की थी। बाद में जब नीतीश कुमार के साथ बीजेपी ने बिहार में एनडीए की सरकार बनाई तो सुखदा उसमें मंत्री भी रहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस कड़ी में बिहार विधानपरिषद के पूर्व विधानपार्षद बालेश्वर भारती को भी फोन किया। 79 वर्षीय पूर्व MLC बालेश्वर भारती ने पीएम को बताया कि उनके जिले मधुबनी में अभी तक खुशकिस्मती से कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला है। इसकी वजह जिले में सभी लोगों का जागरुक रहना और सभी कार्यकर्ताओ का सक्रिय रहना है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना के गुरु प्रसाद सिंह, नालंदा के सकलदेव वात्सयायन, पटना के प्रोफेसर और पूर्व विधायक रमाकांत पांडेय, जहानाबाद के पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश कुमार, भाजपा प्रदेश मुख्यालय के पूर्व कार्यालय सचिव सुरेंद्र तिवारी और जहानाबाद के रहने वाले प्रदेश कार्यसमिति के पूर्व सदस्य बीरेंद्र सिंह से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना है।