नई दिल्ली। मोदी सरकार के द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को पद्मभूषण (Padma Bhushan) मिलने के बाद कांग्रेस पार्टी में घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के कई नेता एक के बाद एक अपनी ही पार्टी पर ये आरोप लगा रहे हैं कि गुलाम नबी आजाद के योगदान को कांग्रेस नहीं पहचान पाई। 

बता दें कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के दिग्गज कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को पद्म भूषण पुरस्कार (Padma Bhushan 2022) देने का ऐलान किया गया है। इसको लेकर कांग्रेस दो धड़ों में बंटती दिख रही है। एक तरफ राज बब्बर और शशि थरूर जैसे नेताओं ने आजाद को पद्म पुरस्कार को लेकर बधाई दी है तो दूसरी ओर जयराम रमेश ने अपने ही सहयोगी पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा है। 

कांग्रेस (Congress) के असंतुष्ट नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को पद्मभूषण (Padma Bhushan) दिए जाने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह विडंबना ही है कि जिस पार्टी की उन्होंने आजीवन सेवा की, वह देश सेवा में उनके योगदान को नहीं पहचान पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भले ही गुलाम नबी आजाद जैसे बड़े नेता नेता के योगदान को नहीं पहचाना है, लेकिन देश ने उनके योगदान को समझा है और राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस (Republic day) पर उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया है। 

सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, 'गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण दिया गया। बधाई हो भाईजान। विडंबना है कि कांग्रेस को उनकी सेवा की जरूरत नहीं है जबकि पूरा देश सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को पहचानता है।' 

पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को भी पद्म भूषण देने का ऐलान किया गया, लेकिन सीपीएम के वरिष्ठ नेता ने यह सम्मान लेने से इनकार कर दिया। भट्टाचार्य के इस फैसले पर कांग्रेस के जयराम रमेश ने ट्विटर पर लिखा, "सही कदम उठाया, वह आजाद रहना चाहते हैं, न कि गुलाम।" माना जा रहा है कि जयराम का यह ट्वीट अब सियासी बवाल पैदा कर सकता है। हालांकि, आजाद की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। 

वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने गुलाम नबी आजाद को यह सम्मान मिलने का स्वागत किया है। उन्होंने लिखा, 'गुलाम नबी आजाद को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर बधाई। किसी की भी सार्वजनिक सेवा में योगदान के लिए दूसरे पक्ष की सरकार से सम्मानित होना अच्छा है।'

कांग्रेस के एक और नेता राज बब्बर ने भी आजाद को बधाई दी है। बब्बर ने बधाई देते हुए लिखा, 'आप एक बड़े भाई की तरह हैं और आपका बेदाग सार्वजनिक जीवन और गांधीवादी आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता हमेशा एक प्रेरणा रही है। पद्म भूषण राष्ट्र के लिए आपकी 5 दशकों की कुशल सेवा की एक आदर्श मान्यता है।'

बता दें कि आजाद तथा सिब्बल कांग्रेस के असंतुष्ट गुट समूह 23 के नेता हैं और यह गुट कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है। असंतुष्ट गुट और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress President Sonia Gandhi) के समर्थक नेताओं के बीच काफी समय से तनातनी चल रही है। हाल ही में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक भी इसी गुट की मांग पर हुई जो काफी हंगामेदार रही।