पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कोरोना वायरस की दूसरी लहर को संभाल नहीं पाने के कारण इस्तीफा दे देना चाहिए।  उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री संक्रमण के मामलों की संख्या रोकने के लिए योजना बनाने में विफल रहे हैं। 

ममता बनर्जी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले पांच-छह महीने में मेडिकल ऑक्सीजन और टीकों की आपूर्ति के संभावित संकट पर ध्यान देने के लिए कुछ नहीं किया।  उन्होंने आरोप लगाया कि अपने देश में टीकों की कमी के बावजूद प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि चमकाने के लिए दूसरे देशों को टीकों का निर्यात किया। 

ममता बनर्जी ने रैली में कहा, देश में रेमडेसिविर और ऑक्सीजन की कमी है. आज हमारे देश में कोई दवा नहीं है, लेकिन 80 देशों में दवाएं भेजी गईं।  आप दवाएं भेज रहे हैं तो मुझे कोई समस्या नहीं है लेकिन पहले अपने राष्ट्र को उपलब्ध कराएं।  आप अपना नाम गौरवान्वित करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को इस्तीफा देना होगा. मौजूदा हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं. उन्होंने 2021 के लिए कोई प्रशासनिक योजना नहीं बनाई. और गुजरात के हालात तो देखिए. बीजेपी गुजरात में भी कोविड-19 के हालात को संभाल नहीं पाई और पश्चिम बंगाल समेत पूरे देश को इस स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। 

ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी नागरिकों को मुफ्त में टीका लगाने के लिए प्रधानमंत्री से 5.4 करोड़ खुराकों की आपूर्ति का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी तरफ से हमें अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है. बता दें कि मुख्यमंत्री ने कहा था कि पश्चिम बंगाल कोविड-19 के टीकों की पूरी लागत वहन करेगा.

आज ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर वैक्सीन, दवाओं और ऑक्सीजन की तेज़ी से सप्लाई करने की अपील की है।  उन्होंने कोरोना वैक्सीन की 5.4 करोड़ खुराक और देने की गुज़ारिश की है।  ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि रेमडेसिविर और टोसीलीज्यूमैब दवाओं और ऑक्सीजन की सप्लाई तेज़ी से और जल्द से जल्द की जाए। 

ममता बनर्जी ने कहा, पूरे देश में ऑक्सीजन और एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर की कमी ह। . इसके लिए कौन जिम्मेदार है? अगर उन्होंने हमें मंजूरी दी होती तो हम अपने राज्य के हर नागरिक को टीका लगा चुके होते। उन्होंने कहा, महाराष्ट्र सरकार ने भी जीवन रक्षक सामग्री के संकट का विषय उठाया है।  लेकिन आप (मोदी) इस मुद्दे पर ध्यान दिये बिना बंगाल में चुनावी रैलियों में भाग ले रहे हैं।