आज विश्व जल दिवस है। पानी की किल्लत आज दुनिया में हम सभी देख सकते हैं। आने वाले समय में दुनिया बहुत ज्यादा आधुनिक हो जाएगी लेकिन इस बात का कोई भी दावा नहीं कर सकता है कि समंदरों के बहुत ज्यादा खारे और विष युक्त पानी को फिलटर कर पीने योग्य पानी बनया जा सकता है।
भारत के कई राज्यों में आज के समय में भी पानी भारी किल्लत है इसी तरह से दुनिया में कई जगहें ऐसी है जो पानी के लिए तरस रही है। इसलिए आज विश्व जल दिवस पर पीएम मोदी ने देश के लोगों से जल की एक एक बूंद बचाने को कहा है।


प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी विश्व जल दिवस 2022 पर "राष्ट्र के नागरिकों से पानी की एक-एक बूंद को बचाने की प्रतिज्ञा की फिर से पुष्टि करने का आह्वान किया "। पीएम मोदी ने ट्वीट किया, "विश्व जल दिवस 2022 पर, आइए पानी की एक-एक बूंद को बचाने की अपनी प्रतिज्ञा की पुष्टि करें। हमारा देश जल संरक्षण और हमारे नागरिकों के लिए स्वच्छ पेयजल तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन जैसे कई उपाय कर रहा है।"
एक अन्य ट्वीट में मोदी कहा ने कहा कि "पिछले कुछ वर्षों में, देश के सभी हिस्सों में हो रहे अभिनव प्रयासों के साथ, पानी की बातचीत को एक जन आंदोलन बनते देखना खुशी की बात है। मैं उन सभी व्यक्तियों और संगठनों की सराहना करना चाहता हूं जो पानी बचाने की दिशा में काम कर रहे हैं "।


इस के साथ जल शक्ति राज्य मंत्री बिश्वेश्वर टुडू ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन को बताया कि 340 जिलों में 340 जल शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं।



मंत्री ने यह भी कहा कि आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने राज्यों के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल उपायों को अपनाने के लिए मॉडल बिल्डिंग बाय लॉ (MBBL), 2016 तैयार किया है, जिसमें वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की आवश्यकता पर पर्याप्त ध्यान दिया गया है।