प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर महीने के अंतिम सप्ताह यानी आज 28 जुलाई रविवार को रेडियो कार्यक्रम मन की बात से देश की जनता को संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत में पीएम मोदी ने चंद्रयान 2 को लेकर बड़ी बात कही। पीएम मोदी ने जल संरक्षण पर कहा कि अभियान शुरू हो गया है। मन की बात में पीएम बोले कि मेघालय अपनी जल-नीति तैयार करने वाला पहला राज्य बन गया है। मैं मेघालय सरकार को बधाई देता हूं। हरियाणा में मिजाज पानी की आवश्यकता वाली फसलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस प्रकार किसानों को नुकसान से बचाया जाता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों और युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरुकता और दिलचस्पी पैदा करने के लिए एक क्विज प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए रविवार को कहा कि इसके विजेताओं को भारतीय अंतरिक्ष केंद्र श्रीहरिकोटा जाने तथा चंद्रयान -2 की लैडिंग देखने का मौका मिलेगा। मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में आकाशवाणी पर अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की दूसरी कड़ी में देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में होने वाली इस क्विज प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी एक अगस्त को ‘माई गोव’ वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी जाएगी। 

उन्होंने कहा, अंतरिक्ष से जुड़ी जिज्ञासाएं, भारत का अंतरिक्ष अभियान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी - इस क्विज प्रतियोगिता के मुख्य विषय होंगे । जैसे कि, रॉकेट प्रक्षेपित करने के लिए क्या-क्या करना पड़ता है। उपग्रह को कैसे कक्षा में स्थापित किया जाता है और उपग्रह से हम क्या-क्या जानकारियाँ प्राप्त करते हैं। ए -सेट क्या होता है। बहुत सारी बातें हैं। युवाओं से इस प्रतियोगिता में भाग लेने का अनुरोध करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे दिलचस्प, रोचक और यादगार बनाया जाना चाहिए। 

उन्होंने स्कूलों , अभिभावकों , उत्साही आचार्यों और शिक्षकों से विशेष आग्रह किया कि वे अपने स्कूल को विजयी बनाने के लिए भरसक मेहनत करें। सभी विद्यार्थियों को इसमें जुडऩे के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि हर राज्य से, सबसे ज्यादा अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को, केंद्र सरकार अपने खर्च पर श्रीहरिकोटा लेकर जाएगी और सितम्बर में उन्हें उस पल का साक्षी बनने का अवसर मिलेगा जब चंद्रयान, चंद्रमा की सतह पर उतर रहा होगा। उन्होंने उम्मीद जतायी कि चंद्रयान-2 अभियान देश के युवाओं को विज्ञान और नवप्रवर्तन के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘ अब हमें, बेसब्री से सितम्बर महीने का इंतजार है जब चंद्रमा की सतह पर लैंडर - विक्रम और रोवर - प्रज्ञान की लैंडिंग होगी।’’