प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को बिहार की जनता को कोसी रेल महासेतु के रूप में एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से ऐतिहासिक कोसी रेल महासेतु को देश की जनता को समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने ऐतिहासिक कोसी महासेतु सहित यात्री सुविधा से जुड़ी 12 रेल परियोजनाओं को भी बिहार राज्य की जनता को समर्पित किया। 

प्रारंभ होने वाली परियोजनाओं में कोसी महासेतु, किउल नदी पर नया रेलपुल, दो नई लाइन परियोजनाएं, पांच विद्युतीकरण परियोजनाएं, एक इलेक्ट्रिक लोको शेड और तीसरी रेल लाइन परियोजना शामिल है। प्रधानमंत्री मोदी ने 450 करोड़ की लागत से हाजीपुर, घोसवर, वैशाली तथा 409 करोड़ की इसलामपुर-नटेसर नई रेल लाइन परियोजना और 240 करोड़ की करनौती-बख्तियारपुर लिंक बाईपास तथा बख्तियारपुर-बाढ़ के बीच तीसरी लाईन परियोजना का भी उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 4 वर्ष पहले, उत्तर और दक्षिण बिहार को जोडऩे वाले दो महासेतु, एक पटना में और दूसरा मुंगेर में शुरू किए गए थे। इन दोनों रेल पुलों के चालू हो जाने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच, लोगों का आना-जाना और आसान हुआ है। उन्होंने कहा, आज बिहार में 12 हजार हॉर्सपावर के सबसे शक्तिशाली विद्युत इंजन बन रहे हैं। बिहार के लिए एक और बड़ी बात ये है कि आज बिहार में रेल नेटवर्क के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से का बिजलीकरण पूरा हो चुका है। बीते 6 साल में ही बिहार में 3 हजार किलोमीटर से अधिक के रेलमार्ग का बिजलीकरण हुआ है।

प्रधानमंत्री ने कहा, आज बिहार में किस तेज गति से रेल नेटवर्क पर काम चल रहा है, इसके लिए मैं एक तथ्य देना चाहता हूं। 2014 के पहले के 5 सालों में बिहार में सिर्फ सवा तीन सौ किलोमीटर नई रेल लाइन शुरू हुई थी, जबकि 2014 के बाद के 5 सालों में बिहार में लगभग 700 किलोमीटर रेल लाइन कमीशन हो चुकी है।