प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आयुष्मान भारत योजना (ayushman bharat scheme) गरीबों के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है और इसके लाभार्थियों से जब वह बातें करते हैं तो उन्हें अलग तरह की खुशी का एहसास होता है। मोदी ने रविवार को रेडियो पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात (PM Modi in Mann ki Baat ) की 83 वीं कड़ी में कहा कि सरकार की जनहित की योजनाओं का लाभ जब लोगों को मिलता है और उनके जीवन में सुख का अनुभव होता है तो उन्हें इसकी बहुत प्रसन्नता होती है और अलग तरह के सुख का एहसास होता है। 

उन्होंने इस योजना के लाभार्थी राजेश प्रजापति (Rajesh Prajapati) से बात की जिन्होंने बताया कि यदि उनके पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता तो वह शायद इलाज के अभाव में बच नहीं पाते। उनका कहना था कि उनके हृदय रोग का ऑपरेशन होना था और इलाज का खर्च बहुत अधिक था। जब डॉक्टरों ने बताया कि इस कार्ड के कारण उनका इलाज मुफ्त में होगा तो बहुत खुश हुए। मोदी ने इस दौरान घुटनों की समस्या से परेशान सुखदेवी से बात की जिन्होंने मोदी को बताया, मै सुखदेवी दानदपरा मथुरा से हूं। मेरा घुटना खराब हो गया था लेकिन मैंने इस कार्ड के जरिए प्रयाग हॉस्पिटल में घुटने का आपरेशन कराया है। मेरी उम्र 40 साल है और यह बीमारी मुझे 15-16 साल से ही लग गई। वो गठिया- बाय बोलते हैं हर जगह इलाज कराया लेकिन कहीं से कोई भी फायदा नहीं हुआ। मैंने आयुष्मान कार्ड से इलाज करवाया है। स्कूल में मीटिंग हो रही थी। वहां से हमारे पति को पता चला तो कार्ड बनवाया मेरे नाम से। फिर इलाज करवाया कार्ड से और मैंने कोई पैसा नहीं लगाया। कार्ड से ही इलाज हुआ है मेरा। खूब बढिय़ा इलाज हुआ है। 

मोदी (PM Modi) ने पूछा कि अगर कार्ड नहीं होता तो डॉक्टर ने कितना खर्चा बताया था तो सुखदेवी ने कहा कि ढाई लाख रुपए, तीन लाख रुपए। पहले मुझसे उठा-बैठा नहीं जाता था पर अब मैं खूब घूमती फिरती हूं। किचन का काम भी करती हूं। घर का काम करती हूं। बच्चों को खाना बनाकर देती हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद आपकी योजना की वजह से ठीक हो गई, अपने पैरों पर खड़ी हो गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि जीवन में सबसे बड़ा सुख स्वास्थ्य ही होता है, ये सुखी जीवन सबको मिले यही आयुष्मान भारत (ayushman bharat scheme) की भावना है।