देश में जारी कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी रविवार को ऑक्सीजन और दवाओं की उपलब्धता को लेकर विशेषज्ञों के साथ बैठक की। ये बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। मेडिकल और नर्सिंग कोर्स से पास आउट हुए छात्रों को भी कोविड ड्यूटी में शामिल करने पर चर्चा हुई, जिसको लेकर पूरी जानकारी कल यानी सोमवार को सामने आएगी। वहीं एमबीबीएस और नर्सिंग का कोर्स कर रहे फाइनल ईयर के छात्रों की भी कोविड ड्यूटी में मदद ली जा सकती है।

इसी के साथ बैठक में ये भी फैसला लिया गया है कि कोविड ड्यूटी करने वाले चिकित्सा कर्मियों को सरकारी भर्ती में वरीयता के साथ-साथ वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये बैठक ऐसे समय में की है जब कोरोना को लेकर स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इससे पहले कार्डियक सर्जन डॉ। देवी शेट्टी ने हाल ही में एक वीडियो के जरिए ये सुझाव दिया था कि एमबीबीएस और नर्सिंग का कोर्स कर रहे फाइनल ईयर के छात्रों की भी कोविड ड्यूटी में मदद ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश को 2 लाख नर्सों और 1.5 लाख डॉक्टरों की आवश्यकता है, जो अगले एक साल तक कोविड के प्रबंधन में समर्पित हों।

साथ ही कहा कि देशभर के विभिन्न नर्सिंग स्कूलों और कॉलेजों में तीन साल के जीएनएम या चार वर्षीय बीएससी पाठ्यक्रम के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 2.20 लाख नर्स हैं, लेकिन अभी तक उनकी अंतिम परीक्षा नहीं हुई है। इन प्रशिक्षित नर्सों को एक साल के लिए कोविड आईसीयू में काम करने का विकल्प दिया जाना चाहिए, जिसके बाद वो अपने डिग्री प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 3.92 लाख नए केस सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते दिन कोरोना संक्रमण से 3689 लोगों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 3,92,488 नए केस समाने आने के बाद देश भर में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर अब 1,95,57,457 हो गई है। बीते दिन कोरोना से 3689 लोगों की मौत के बाद देश में संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या 2,15,542 के पार हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना के एक्टिव केस फिलहाल 33,49,644 हैं।

इस बीच, कोविड-19 टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि देश में अब सख्त लॉकडाउन लगाए जाने की जरूरत है। एक्सपर्ट ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या में भी दिनोंदिन उछाल देखा जा रहा है। इन सब पर निंयत्रण पाने के लिए यह जरूरी है कि देश में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की जाए।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि वायरस के ह्यूमन-टू-ह्यूमन स्प्रेड को रोकने के लिए यह जरूरी है कि बढ़ते मामलों पर नियंत्रण पाया जाए। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर दो हफ्ते के लिए भी कोरोना संक्रमंण के प्रसार को रोक दिया गया तो केसलोड को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ मृत्यु दर में गिरावट आएगी, बल्कि कोरोना ट्रांसमिशन का चक्र भी रुक जाएगा।