तीन चरणों की वोटिंग के बाद लोकसभा चुनाव का चुनावी समर अपने परवान पर पहुंच चुका है। सभी पार्टियां जमीन से लेकर सोशल मीडिया तक पर अपने प्रचार को धार देने में जुटी हैं। जमीन पर माहौल क्या है और जनता किसे ताज सौंपेगी, यह तो 23 मई को ही सामने आएगा। मगर सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल पर दो बड़ी पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरों नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच दिलचस्प जंग देखने को मिल रही है। पिछले 30 दिनों के गूगल सर्च रिजल्ट्स के आंकड़ों में जो परिणाम सामने आए हैं, वे बेहद रोचक हैं। 

गूगल के वेब सर्च रिजल्ट्स में राहुल गांधी नरेंद्र मोदी से बहुत पीछे हैं। गूगल सर्च में किसी आइटम के लिए 100 नंबरों का मतलब होता है कि वह गूगल पर अपनी लोकप्रियता के चरम है। पिछले साल 27 मार्च को मोदी इस चार्ट में 100 नंबरों के साथ सर्च रिजल्ट के शीर्ष पर थे और राहुल गांधी 13 अंकों के साथ उनसे बहुत पीछे थे। 27 मार्च से लेकर 24 अप्रैल तक सिर्फ दो ही मौके ऐसे थे, जब राहुल गांधी 20 का आंकड़ा पार कर पाए। इन 29 दिनों के दौरान नरेंद्र मोदी का औसत सर्च रिजल्ट जहां 78.83 प्रतिशत रहा, वहीं राहुल गांधी का महज 14.03 प्रतिशत। 

इन दोनों बड़े नेताओं के क्षेत्रवार गूगल सर्च रिजल्ट की तुलना करने पर रोचक तथ्य सामने आए। चुनावी रूप से बेहद महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, ओडिशा जैसे राज्यों में राहुल गांधी सर्च रिजल्ट के मामले में पीएम मोदी के सामने बेहद कमजोर नजर आते हैं। उत्तर प्रदेश में 27 मार्च से 24 अप्रैल तक के आंकड़ों को देखें तो पीएम मोदी से जुड़े सर्च रिजल्ट 92 फीसदी और राहुल गांधी से जुड़े सर्च रिजल्ट सिर्फ 8 फीसदी थे। बिहार में मोदी से जुड़े 91 फीसदी और राहुल से जुड़े 9 फीसदी सर्च रिजल्ट थे। इसी तरह राजस्थान और बंगाल में मोदी के पक्ष में 89 फीसदी और राहुल के पक्ष में 11 फीसदी सर्च रिजल्ट रहे। ओडिशा और जम्मू-कश्मीर में मोदी से जुड़े 87 फीसदी और राहुल से जुड़े 13 फीसदी सर्च रिजल्ट थे। 

हालांकि ऐसा नहीं है कि राहुल गांधी हर राज्य में सर्च रिजल्ट में मोदी से पीछे ही हैं। केरल, सिक्किम और नगालैंड इन तीन राज्यों में राहुल गांधी गूगल सर्च रिजल्ट में 27 मार्च से 24 अप्रैल की अवधि के दौरान मोदी से आगे रहे हैं। सिक्किम में राहुल से जुड़े सर्च रिजल्ट 57 फीसदी थे, तो मोदी से जुड़े 43 फीसदी। नगालैंड में मोदी से जुड़े सर्च रिजल्ट्स को 42 फीसदी लोगों ने देखा तो राहुल से जुड़े रिजल्ट्स को 58 फीसदी लोगों ने। इन दोनों बड़े नेताओं के बीच गूगल पर सबसे दिलचस्प लड़ाई केरल में देखने को मिल रही है। यहां राहुल गांधी 51 फीसदी सर्च रिजल्ट्स के साथ मोदी से सिर्फ 2 फीसदी के साथ बढ़त बनाए हैं। यहां बीते 29 दिनों के दौरान मोदी से जुड़े सर्च रिजल्ट्स 49 फीसदी रहे। बता दें कि केरल की वायनाड सीट से ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उम्मीदवार भी हैं और यहां बीजेपी का कोई विशेष जनाधार भी नहीं है। कांग्रेस के यहां से सात लोकसभा सांसद और दो राज्यसभा सांसद हैं। 

कांग्रेस के मीडिया पैनलिस्ट चरण सिंह सापरा से जब इस बारे में बात की, तो उन्होंने इन सर्च रिजल्ट्स को निरर्थक बताया। उन्होंने कहा, 'गूगल के सर्च रिजल्ट्स से इस बात का आकलन करना ठीक नहीं होगा कि देश में मोदी की लहर है और वह चुनाव जीत रहे हैं। गूगल पर लोग यह भी ढूंढने जाते हैं कि मोदी ने आज कौन सा नया झूठ बोला है।' उत्तर प्रदेश बीजेपी के वरिष्ठ प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा, 'पीएम मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व का आकर्षण गांवों में गरीब और किसानों से लेकर युवाओं तक में है। उन्हें मोदीजी से उम्मीद है कि वही उनका भविष्य बेहतर बना सकते हैं। यही कारण है कि रैलियों और जनसभाओं के अलावा गूगल पर भी इतनी तादाद में लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'जो कहते हैं कि इन आंकड़ों से फर्क नहीं पड़ता है उनके लिए मैं यही कहूंगा कि वे इंतजार करें, 2019 में बीजेपी 2014 से भी बड़ी जीत दर्ज करने वाली है।' 

आपके मन में भी सवाल उठ रहा होगा कि गूगल पर मोदी और राहुल से जुड़े किन टॉपिक्स को लोग सबसे ज्यादा सर्च करते हैं। 27 अप्रैल को खबर लिखे जाने तक मोदी से जुड़े जिन टॉपिक्स को सबसे ज्यादा सर्च किया जा रहा था, वे pm modi in kolkata, modi in mangalore, pm modi movie review, modi addressing nation today जैसे ट्रेंड्स थे। इसी समय राहुल से जुड़े ट्रेंड्स की बात करें तो उनमें supreme court rahul gandhi, rahul gandhi amethi nomination, rahul gandhi kerala speech, wikileaks rahul gandhi और rahul gandhi nationality प्रमुख थे।