कोपेनहेगन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंगलवार को डेनमार्क की यात्रा पर राजधानी कोपेनहेगन पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने स्वयं हवाई अड्डे पर मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए डेनमार्क में भारत की राजदूत पूजा कपूर भी मौजूद थीं। हवाई अड्डे पर भारतीय कलाकारों का एक दल भी मौजूद था जिसने मोदी के स्वागत में नृत्य की प्रस्तुति दी। मोदी हवाई अड्डे से सीधे मैरीनबर्ग स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास पहुंचे जहां दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक शुरू हुई। 

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मोदी और फ्रेडरिकसन के बीच यह बैठक उनके बीच तीसरी शिखर स्तरीय बातचीत है। बैठक का एजेंडा भारत एवं डेनमार्क के बीच अनूठी द्विपक्षीय हरित सामरिक साझीदारी को आगे बढ़ाने पर केन्द्रित है। बैठक में द्विपक्षीय मुद्दों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक हित के मुद्दों पर चर्चा होनी है। द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों प्रधानमंत्री भारत-डेनमार्क व्यापार मंच के तत्वावधान में दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं के साथ भी एक बैठक में भाग लेंगे। 

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी एक सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान प्रवासी भारतीयों के साथ बातचीत करेंगे। मोदी देर शाम को डेनमार्क की महारानी मार्गरेट द्वितीय से भी मुलाकात करेंगे जिन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री के सम्मान में आधिकारिक रात्रिभोज का आयोजन किया है। भारत और डेनमार्क के बीच साझीदारी का फोकस हरित रणनीतिक साझीदारी पर केंद्रित होगा, जो नवीकरणीय ऊर्जा, स्थिरता और हरित विकास पर केंद्रित है। दोनों पक्षों के पास पवन ऊर्जा, जल प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी, शिङ्क्षपग और स्मार्ट सिटी के क्षेत्र में चल रहे सहयोग के साथ, हरित साझीदारी पर ध्यान केंद्रित करते हुए पांच साल के लिए एक संयुक्त कार्य योजना भी है। 

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मोदी की यात्रा कौशल विकास, शिपिंग, कृषि प्रौद्योगिकी और गतिशीलता के क्षेत्र में साझीदारी को आगे बढ़ाने का अवसर होगी। मोदी चार मई को डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। वर्ष 2018 में प्रथम भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया था।