प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेघालय के आईसीएआर रिसर्च कॉम्प्लेक्स में आयोजित कृषि उन्नति मेले में वीडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों तथा केवीके को सम्बोधित किया। इस मेले में कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचार के साथ साथ किसानों की उन्नति देखने को मिली। केंद्र सरकार देश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समर्पित है।

इसी के तहत मेघालय में उमियाम स्थित एनईएच क्षेत्र आईसीएआर रिसर्च कॉम्प्लेक्स ने शनिवार को क्षेत्रीय तकनीकी प्रबंध इकाई(जेडटीएमयू) के सहयोग से कृषि उन्नति मेला 2018 का आयोजन किया। इसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 681 केवीके का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभा को सम्बोधित किया औऱ 7 लाख प्रगतिशील किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और आईसीएआर संस्थानों के निदेशकों से एक साथ बात की।


कार्यक्रम का उद्देश्य किसनों की आय दोगुनी करनी तथा नवीनतम कृषि तकनिकी विकास के बारे में जागरूकता पैदा करना था अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मेला 'न्यू इंडिया' के गठन में अहम भूमिका निभा रहा है। नए भारत के आंदोलन में दो वैज्ञानिक और किसान शामिल हैं उन्होंने कहा कि ऐसा मेला पूर्वोत्तर क्षेत्र के दूर दराज के इलाकों में भी किया जाना चाहिए।


इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने मेघालय की प्रगति की सरहाना करते हुए कहा कि मेघालय को एक विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होने कहा कि मेघालय के किसानों की तरीफ करते हुए कहा कि राज्य के किसामें ने साल 2015- 16 के दौरान पांच साल की उत्पादन पैदावार का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साथ ही उन्होंने किसानों से जैविक कृषि को अपनाने का आग्रह भी किया।


इस दौरान कृष्ण विज्ञान केंद्र, रिभोई को पहली बार पंडित दीनदयाल उपाध्याय कृषि विज्ञान प्रचार पुरस्कार (राष्ट्रिय व क्षेत्रीय) 2017 के साथ सम्मानित किया गया। बता दें कि आईसीएआर एनईएच ने किसानों के लिए पीएम के सम्बोधन के सीधा प्रसारण की सुविधा दी साथ ही किसानों के लिए इसे स्थानीय बोली में भी अनुवाद किया गया।