प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किस्त किसानों को अगले महीने मिलने वाली है। यह इस योजना की 7वीं किस्त है जो जल्द ही बैंकों में ट्रांसफर की जा सकती है। पीएम मोदी की इस योजना से लाखों किसानों को फायदा पहुंचा है। अब तक इस स्कीम की 6 किस्तें किसानों के खातों में ट्रांसफर हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि सातवीं किस्त के 2000 रुपये दिसंबर 2020 के पहले हफ्ते में किसानों के खातों में डाले जा सकते हैं।

अगर आप भी किसान हैं और इस स्कीम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है और इस स्कीम के दायरे में आते हैं। आप ये जानना चाहते हैं कि इस स्कीम की रकम आपके खाते में आएगी या नहीं, तो ये बेहद आसानी से कर सकते हैं। अगर आपका नाम लाभार्थियों की लिस्ट में नहीं है तो आप इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, अगर आपका नाम लिस्ट में है तो आपको किस्त मिलेगी।

1. सबसे पहले पीएम किसान स्कीम की ऑफिशियल वेबसाइट https://pmkisan.gov.in पर जाएं
2. 'Farmers Corner' में बहुत सारे ऑप्शन दिए होंगे, इसमें से एक ऑप्शन 'Beneficiary List' का भी होगा. इसको क्लिक करें
3. 'Beneficiary List' को क्लिक करते ही एक नया पेज खुलेगा. इस पेज में राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और  गांव की जानकारी चुनकर Get Report पर क्लिक करें
4. लिस्ट में कई सारे पेज होंगे इसलिए आपको इसमें अपना नाम खोजना होगा
5. अगर आपने कुछ दिन पहले ही अप्लाई किया है तो Status of Self Registered/CSC Farmer के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा

लिस्ट में नाम नहीं है तो करें शिकायत
कई लोगों के नाम पिछली लिस्ट में था, लेकिन नई लिस्ट में नहीं है तो इसकी शिकायत आप पीएम किसान सम्मान के हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए आप हेल्पलाइन नंबर 011-24300606 पर कॉल कर सकते हैं. पिछली बार करीब एक कोरड़ से ज्यादा लोगों को इस स्कीम का फायदा नहीं मिल सका था. कृषि मंत्रालय ने तब कहा था कि किसानों ने अपनी जानकारियां भरने में कुछ गलतियां की थीं. अगर आप ने इसके लिए आवेदन किया है तो यह बहुत जरूरी है कि आप एक बार भरी गई जानकारी को फिर से अपडेट कर लें.

क्या है पीएम किसान सम्मान निधि योजना
मोदी सरकार किसान सम्मान निधि योजना के तहत गरीब किसानों को हर साल 6000 रुपये की मदद देती है. यह पैसा दो किस्तों में किसानों तक पहुंचता है. पहली किस्त 1 दिसंबर से 31 मार्च के बीच आती है, जबकि दूसरी किस्त 1 अप्रैल से 31 जुलाई और तीसरी किस्त 1 अगस्त से 30 नवंबर के बीच में किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाती है. सरकार के भेजे गए पैसे और किसानों के बीच में कोई नहीं आता. ये योजना उन छोटे किसानों के लिए है जिनके पास खेती नहीं है और जो टैक्सपेयर नहीं हैं.