केंद्र सरकार 42.16 लाख किसानों से 2,992.75 करोड़ रुपये की रिकवरी करने जा रही है। ये वो पैसा है जो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से अपात्र किसानों के खाते में पहुंच गया है। इस बात की जानकारी कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संसद में दी। इसमें सबसे ज्यादा रिकवरी असम से होनी जहां 8.35 लाख अपात्र किसानों के खाते में यह राशि पहुंची है, ये वो किसान हैं जो इस योजना का लाभ लेने के योग्य नहीं हैं। इसमें ज्यादातर किसान इनकम टैक्स देने वाले लोगों में शामिल हैं।

नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा राशि असम और उसके बाद पंजाब व महाराष्ट्र के किसानों से वसूली जानी है। दिलचस्प बात तो ये है कि पश्चिम बंगाल जहां मई 2021 में यह योजना लागू की गई है, वहां से भी इस योजना के तहत अपात्र किसानों के खाते में पैसे पहुंचे हैं। हालांकि, इसमें कई और राज्य भी शामिल हैं, जिनसे करोड़ों रुपये की राशि की रिकवरी की जानी है।
— असम से-554.01 करोड़ रुपये
— पंजाब से- 437.9 करोड़ रुपये
— महाराष्ट्र से- 357.9 करोड़ रुपये
— तमिलनाडु से- 340.56 करोड़ रुपये
— उत्तर प्रदेश से- 258.64 करोड़ रुपये
— गुजरात से- 220.7 करोड़ रुपये
— मध्य प्रदेश से- 195.9 करोड़ रुपये
— राजस्थान से- 144.1 करोड़ रुपये
— कर्नाटक से- 129.32 करोड़ रुपये
— पश्चिम बंगाल से- 76000 रुपये रुपये

साल 2019 में लॉन्च की गई पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत सरकार सालाना किसानों को 6000 रुपये की आर्थिक सहायता देती है। ये राशि 2000-2000 रुपए की तीन किश्तों में सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाती है।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लोकसभा में बताया कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत जारी की जाने वाली राशि कुछ अयोग्य किसानों के खातों में ट्रांसफर हुई है, जिसमें कुछ इनकम टैक्स देने वाले किसान भी शामिल हैं।

वर्तमान में जब रजिस्टर्ड किसानों का सही और सत्यापित डेटा संबंधित राज्यों से पीएम-किसान पोर्टल पर प्राप्त होता है और उसके बाद आधार/पीएफएमएस के माध्यम से सत्यापन हो जाता है तो योजना की राशि लाभार्थी किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी जाती है।

तोमर ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि का दुरुपयोग न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपाय किए हैं और ये योजना वास्तविक लाभार्थी किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए लागू की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि अपात्र लाभार्थियों से धन की वसूली के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेशनल गाइडलाइंस (दिशा-निर्देश) जारी की गई हैं।

ये दिशा-निर्देश इनकम टैक्स देने वाले किसानों की पहचान कर उनकी लिस्ट राज्यों को भेजने के लिए जारी किए गए हैं। इसके अलावा, राज्यों को पीएम-किसान लाभार्थियों के फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही पीएम-किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्यों को किसानों के पंजीकरण और सत्यापन के दौरान उपायों को अपनाने के लिए कहा गया है।