कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के कई सारे फायदे हैं। एक कर्मचारी को एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक के पीएफ योगदान पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत आयकर में छूट मिलती है। इसके अलावा भी ऐसे कई सारे फायदे हैं जो कर्मचारी भविष्य निधि संघठन (EPFO) अपने कर्मचारियों को प्रदान करता है। इनमें फ्री इंश्योरेंस और पेंशन लाभ भी शामिल हैं। आइए पीएफ (PF) के साथ मिलने वाले ऐसे ही कुछ फायदों के बारे में जानते हैं।

मुफ्त बीमा

एक पीएफ खाताधारक अपने सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर EDLI स्कीम के तहत 7 लाख रुपये तक के फ्री इंश्योरेंस के योग्य होता है। पहले पीएफ खाता धारकों के लिए डेथ कवर 6 लाख रुपये था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर सात लाख रुपये तक कर दिया गया है। खास बात यह है कि ईडीएलआई योजना के तहत उपलब्ध इस बीमा कवर के लिए पीएफ खाता धारक को अलग से कोई इंश्योरेंस प्रीमियम नहीं देना होता।

पेंशन

एक पीएफ खाताधारक 58 साल की आयु के बाद पेंशन के लिए योग्य हो जाता है। हालांकि, पेंशन पाने के लिए पीएफ खाते में न्यूनतम 15 साल नियमित मासिक पीएफ योगदान होना जरूरी है। पेंशन लाभ नियोक्ता के योगदान में से मिलता है, क्योंकि नियोक्ता के 12 फीसद योगदान में से 8.33 फीसद पीएफ खाताधारक के ईपीएस खाते में जाता है।

लोन

कर्मचारी को पीएफ में लोन की सुविधा भी मिलती है। वित्तीय संकट के समय पीएफ खाताधारक पीएफ बैलेंस के अगेंस्ट लोन ले सकता है। खास बात यह है कि पीएफ लोन पर ब्याज दर केवल एक फीसद लगती है। यह लोन कम अवधि का होगा और इसका पुनर्भुगतान लोन मिलने के 36 महीनों के अंदर करना होगा।

निकासी

ईपीएफओ मेडिकल और वित्तीय संकट आने पर खाताधारक को कुछ नियम व शर्तों के साथ आंशिक निकासी की अनुमति देता है।