कोरोना वायरस के कारण कई देशों ने लॉकडाउन चल रहा है। ज्यादातार देशों में लॉकडाउन की अवधि 21 दिन या इससे अधिक हो सकती है। ऐसे में परिवहन सेवाएं भी बहुत कम है। जिस वजह से पेट्रोल-डीजल की मांग में कमी आई है। ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया है। तेल के दाम में गिरावट आने की सबसे बड़ी वजह दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के चलते कच्चे तेल के दाम 18 साल के निचले स्तर पर पहुंच गया है। जो कि अच्छा नहीं है।


इन राज्यों ने बढ़ाएं दाम
जानकारी मिली है कि 1 अप्रैल से बीएस6 फ्यूल की शुरुआत पूरे देश में हो गई, और उसी दिन इन तीनों राज्यों में पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। कोलकाता में जहां पेट्रोल के दाम 1.01 रुपये बढ़ा और डीजल 1 रुपया महंगा हुआ है। वहीं बेंगलुरु में पेट्रोल का दाम 1.58 रुपये बढ़कर 73.55 रुपये प्रति लीटर और डीजल का भाव 1.55 रुपये की बढ़त के साथ 65.96 रुपये। जयपुर में दाम 2.24 रुपये बढ़कर 75.59 रुपये हो गए और डीजल 2.15 रुपये महंगा होकर 69.28 रुपये लीटर हो गया है।


दाम में बढ़ोतरी ऑइल मार्केटिंग कंपनियों ने नहीं की है बल्कि दाम बढ़ने का कारण इन राज्यों के द्वारा पेट्रोल-डीजल पर वैट बढ़ाना है। दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 69.59 रुपये, जबकि एक लीटर डीजल के लिए 62.29 रुपये खर्च करने हो सकते हैं। इसी के साथ कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल का दाम 73.30 रुपये है. वहीं डीजल का भाव 65.62 रुपये प्रति लीटर,  मुम्बई में पेट्रोल का भाव 75.30 रुपये प्रति लीटर है। वहीं डीजल 65.21 रुपये प्रति लीटर पर है। इसके अलावा चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 72.28 रुपये प्रति लीटर है। वहीं डीजल का भाव 65.71 रुपये प्रति लीटर पर है।