ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उसने तालिबान और अफगानिस्तान के मसले पर कोई स्टेटमेंट नहीं जारी किया है।  बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि कुछ बोर्ड मेंबर्स के विचारों को हमारा विचार बनाकर न पेश किया जाए।  

कुछ मीडिया चैनल्स द्वारा बोर्ड मेंबर्स के स्टैंड को हमारा स्टैंड बताकर पेश किया जा रहा है जो पत्रकारिता की मूल भावना के खिलाफ है।  मीडिया चैनल्स को तालिबान संबंधी किसी भी खबर को पर्सनल लॉ बोर्ड से जोड़कर नहीं दिखाना चाहिए। 

दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी ने भी तालिबान के समर्थन में बयान दे दिया था।  ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी ने कहा कि मैं तालिबान को सलाम करता हूं।  तालिबान ने पूरी दुनिया की सबसे ज्यादा मजबूत सेनाओं को शिकस्त दी।  इन नौजवानों ने काबुल की जमीन को चुमा और अल्लाह को शुक्रिया कहा। 

क्या बोले नोमानी

नोमानी ने कहा, ‘एक बार फिर यह तारीख रकम हुई है।  एक निहत्थी कौम ने सबसे मजबूत फौजों को शिकस्त दी है।  काबुल के महल में वे दाखिल हुए।  उनके दाखिले का अंदाज पूरी दुनिया ने देखा।  उनमें कोई गुरूर और घमंड नहीं था।  बड़े बोल नहीं थे।  मुबारक हो।  आपको दूर बैठा हुआ यह हिंदुस्तानी मुसलमान सलाम करता है।  आपके हौसले को सलाम करता है।  आपके जज्बे को सलाम करता है। 

सपा सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने भी तालिबान का किया था समर्थन

इससे पहले समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद शफीकुर रहमान बर्क ने भी तालिबान के समर्थन में बयान दिया। बर्क ने कहा कि तालिबानी अपने देश की आजादी के लिए लड़ रहे हैं।  अफगान लोग उसके नेतृत्‍व में आजादी चाहते हैं।  जब भारत, ब्रिटिश शासन के अधीन था तब हमारे देश ने आजादी के लिए जंग लड़ी।  अब तालिबान अपने देश को आजाद करना और चलाना चाहते हैं।